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सीहोर। जिले के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से रात के समय हो रही दो से तीन घंटे की बिजली कटौती से परेशान होकर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर बिजली कंपनी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया और विद्युत सब स्टेशन का घेराव किया।
📌 पैदल रैली निकालकर किया सब स्टेशन का घेराव
बिजली संकट से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को किसान नेता एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में मोर्चा खोला। सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए ग्रामीणों ने बिलकिसगंज रोड से बरखेड़ी विद्युत मंडल सब स्टेशन तक एक विशाल पैदल रैली निकाली। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सब स्टेशन पहुंचकर परिसर को घेर लिया।

🦟 रात को मच्छर और दिन में पानी का संकट
प्रदर्शनकारियों ने बिजली कंपनी पर तानाशाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए अपनी समस्याएं साझा कीं:
- बुजुर्गों और बच्चों की बढ़ी परेशानी: ग्रामीणों का कहना है कि पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में रातभर बिजली गुल रहने से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सो नहीं पा रहे हैं।
- बीमारियों का खतरा: उमस भरी गर्मी में रातभर लाइट न रहने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
- पेयजल संकट: अघोषित कटौती का असर केवल रातों तक सीमित नहीं है। सुबह के समय बिजली न होने के कारण गांवों में पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
📢 ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि बिजली कंपनी ने अपनी मनमानी बंद नहीं की और ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित कटौती पर तुरंत रोक लगाकर निर्बाध बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।





