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नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने 35 वर्षों के गहरे अनुभवों को एक किताब के रूप में देश के सामने पेश किया है। उनकी इस पुस्तक का नाम ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ है, जिसका आज मंगलवार (26 मई) को दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में सुबह 10:30 बजे भव्य विमोचन किया गया।
इस गरिमामय समारोह का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे।
26 मई का ऐतिहासिक संयोग: PM मोदी के 12 साल, शिवराज का 35 साल का साथ
किताब के विमोचन पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:
“आज 26 मई का वह ऐतिहासिक दिन है, जब नरेंद्र मोदी जी ने पहली बार (2014 में) प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। आज उनके कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे हो गए हैं। लेकिन मेरा और उनका साथ 35 साल पुराना है। मैंने उन्हें हर क्षण देश के लिए जीते देखा है।”
शिवराज सिंह ने बताया कि उन्होंने संगठन के कार्यकर्ता, मुख्यमंत्री और अब केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में PM मोदी के साथ काम किया है। यह किताब सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि उनके नेतृत्व, सुशासन और राष्ट्र सेवा के व्यक्तिगत पक्षों की एक जीवंत गाथा है।

किताब की मुख्य बातें: 1991 की ‘एकता यात्रा’ और कश्मीरी लाल चौक का किस्सा
पुस्तक में 1991 की ऐतिहासिक ‘एकता यात्रा’ का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, जब डॉ. मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प लिया गया था और नरेंद्र मोदी इसके संगठनात्मक प्रभारी थे।
- आतंकी हमले के बाद भी नहीं डिगे कदम: शिवराज सिंह चौहान ने याद किया कि कैसे फगवाड़ा में आतंकवादियों ने यात्रा पर हमला किया, जिसमें 6 कार्यकर्ता शहीद हो गए। लोगों को लगा यात्रा रुक जाएगी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि तिरंगा फहरा कर रहेंगे।
- कठोर नेता के पीछे संवेदनशील दिल: जम्मू लौटने पर लाखों कार्यकर्ताओं की सभा में जब नरेंद्र मोदी ने उन कार्यकर्ताओं को याद किया जो लाल चौक नहीं पहुंच पाए थे, तो उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए। शिवराज ने लिखा, “तभी मैंने जाना कि मोदी जी काम के लिए जितने कठोर हैं, कार्यकर्ताओं के लिए उतने ही संवेदनशील हैं।”
भविष्य की टेक्नोलॉजी को 25 साल पहले ही भांप लिया था
किताब में प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी (दूरदर्शी) होने के कई दिलचस्प उदाहरण दिए गए हैं:
- ईमेल और कंप्यूटर का दौर: जब मध्य प्रदेश में नरेंद्र मोदी प्रभारी बनकर आए थे और मोबाइल-कंप्यूटर को लोग ‘फाइव स्टार संस्कृति’ मानते थे, तब उन्होंने कार्यकर्ताओं से ईमेल आईडी मांगी थी। उस समय सन्नाटा छा गया था, लेकिन मोदी जी भविष्य की तकनीक को पहचान चुके थे।
- “50 हजार फॉलोअर नहीं, तो टिकट मिलने में मुश्किल”: जब लोग सोशल मीडिया का महत्व नहीं जानते थे, तब मोदी जी ने जनता से सीधे संवाद के लिए इसे जरूरी बताया था। उन्होंने यहाँ तक सुझाव दिया था कि जिस सांसद या विधायक के 50 हजार से कम फॉलोअर होंगे, उन्हें टिकट मिलने में कठिनाई हो सकती है।

युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए क्यों जरूरी है यह किताब?
शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, यह पुस्तक केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए नहीं है, बल्कि:
- युवाओं को अनुशासन, तपस्या और समर्पण की सीख देगी।
- प्रशासनिक अधिकारियों और प्रोफेशनल्स के लिए सुशासन (Governance) की गाइड है।
- इसके साथ ही यह उद्योगपतियों, समाज सुधारकों, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
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