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सीहोर (मध्य प्रदेश): जिले के इछावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कांकर खेड़ा में चोरों के एक संगठित गिरोह ने आतंक मचा रखा है। 17 मई की रात को हथियारबंद बदमाशों ने भेड़-बकरियों के एक डेरे पर धावा बोलकर 40 बड़ी भेड़ें लूट लीं। विरोध करने पर पीड़ित पशुपालक के साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद अब यह मामला कलेक्टर और एसपी के पास पहुंच गया है।
🚨 कट्टे की नोंक पर वारदात, विरोध करने पर मारपीट
पीड़ित पशुपालक विष्णु पिता दीपा देवासी ने बताया कि घटना 17 मई की रात की है। देर रात करीब 8-10 अज्ञात बदमाश एक पिकअप ट्रक लेकर उनके डेरे पर पहुंचे। बदमाशों ने आते ही चरवाहों को हथियारों का खौफ दिखाकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
जब चरवाहे विष्णु ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, तो उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद बदमाश दहशत फैलाते हुए डेरे से 40 कीमती भेड़ों को जबरन पिकअप ट्रक में लादकर रफूचक्कर हो गए।

🛑 पुलिस का रवैया: एफआईआर दर्ज करने से किया इनकार
वारदात के बाद घायल पीड़ित न्याय की गुहार लेकर इछावर थाने पहुंचा था। पीड़ित का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद इछावर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और एफआईआर (FIR) दर्ज करने से मना कर दिया। पुलिस के इस ढुलमुल रवैये के कारण क्षेत्र के पशुपालकों में भारी आक्रोश है।
📄 न्याय के लिए कलेक्टर-एसपी की चौखट पर पहुंचा देवासी समाज
पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर मंगलवार को राजस्थानी पशु पालक संगठन के अध्यक्ष अशोक देवासी भोंगरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सीहोर पहुंचा। संगठन ने पीड़ित भेड़ पालक को न्याय दिलाने, चोरों की जल्द गिरफ्तारी करने और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा।
“जिले में चोरों का एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय है, जो 8 से 10 की संख्या में सुनसान रास्तों से गाड़ियों में आते हैं और चरवाहों पर हमला कर देते हैं। अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पशुपालकों का जीना मुहाल हो जाएगा।”
— अशोक देवासी भोंगरा, अध्यक्ष (राजस्थानी पशु पालक संगठन)

📊 आंकड़े दे रहे गवाही: एक साल में 500 भेड़ें चोरी
ज्ञापन में संगठन ने प्रशासन के सामने कुछ चौंकाने वाले दावे भी किए हैं:
- बड़ा नुकसान: पिछले एक साल के भीतर सीहोर जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों से भेड़पालकों की लगभग 500 भेड़ें चोरी हो चुकी हैं।
- पुलिस की लापरवाही: विभिन्न थानों में इसकी शिकायतें की गईं, लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं करती।
- बुलंद हौसले: पुलिस की इसी सुस्ती के कारण बदमाशों के हौसले सातवें आसमान पर हैं और वे लगातार सुनसान रास्तों का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
📌 फरियादी की मुख्य मांगें:
- इछावर थाने में तुरंत दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
- वारदात में इस्तेमाल हुए संदिग्ध पिकअप वाहन को ट्रैक किया जाए।
- पीड़ित विष्णु देवासी की चोरी हुई 40 भेड़ों को बरामद कर उन्हें वापस लौटाया जाए और घायल को उचित उपचार व सुरक्षा मिले।
प्रशासन ने इस मामले में उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या सीहोर पुलिस इस संगठित गिरोह पर शिकंजा कस पाती है या पशुपालकों को ऐसे ही डर के साए में जीना पड़ेगा।





