51वीं प्रगति बैठक: PM मोदी की दो टूक—सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना काफी नहीं, निगरानी और जन भागीदारी से बदलें स्वच्छ भारत की सूरत

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) और सामाजिक योजनाओं की समीक्षा के लिए 51वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वच्छ भारत मिशन का दूसरा चरण केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नियमित निगरानी, जन भागीदारी और सभी पक्षों के तालमेल से इसके ठोस परिणाम दिखने चाहिए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री ने 9 राज्यों में फैले रेलवे, बिजली और सड़क क्षेत्र की लगभग ₹30,000 करोड़ की 7 बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की।

📌 बैठक की बड़ी बातें और पीएम मोदी के मुख्य निर्देश:

1. कचरा प्रबंधन और गोबरधन योजना में तेजी लाएं राज्य

प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से अपील की है कि वे कचरा प्रसंस्करण (Waste Processing) और गोबरधन (Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan) संयंत्रों के निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाएं ताकि अपशिष्ट प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा सके।

2. छतों और नहरों पर सोलर पैनल लगाने पर जोर

  • रूफटॉप सोलर: शहरी क्षेत्रों, आवासीय परिसरों और सरकारी संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दिया जाए। इससे बिजली का खर्च कम होगा और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • नहरों के ऊपर सोलर पैनल: पीएम ने नहरों के किनारे और उनके ऊपर सौर पैनल लगाने की वकालत की। इससे जमीन की बचत होगी, पानी का वाष्पीकरण (Evaporation) कम होगा और अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।

3. वाधवन बंदरगाह बनेगा देश का ‘नेशनल गेटवे’

वाधवन बंदरगाह (Vadhavan Port) और सड़क-पोर्ट कनेक्टिविटी की समीक्षा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसे केवल एक बंदरगाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसे तटीय जहाजरानी, अंतर्देशीय जलमार्ग, समर्पित फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल और एक्सप्रेसवे से जोड़कर एक आधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जाए।

4. अंतर-राज्यीय जल विवादों का रोल मॉडल है ‘केन-बेतवा’

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना अन्य राज्यों के लिए आपसी जल विवादों को सुलझाने का एक आदर्श मॉडल है। उन्होंने राज्यों को ऐसे और भी क्षेत्रों की पहचान करने के लिए कहा जहां नदी जोड़ो, जल संरक्षण और ग्राउंड वॉटर रिचार्ज को एक साथ लागू किया जा सके।

5. “परियोजनाओं में देरी यानी जनता के हक में देरी”

पीएम मोदी ने अधिकारियों और मंत्रालयों को सचेत करते हुए कहा कि सरकारी प्रोजेक्ट्स में देरी से न सिर्फ लागत (Cost) बढ़ती है, बल्कि जनता को विकास के लाभ समय पर नहीं मिल पाते। उन्होंने सभी विभागों को पेंडिंग मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए।

📈 राज्यों में शुरू हुई सामाजिक योजनाओं की मासिक समीक्षा

बैठक की शुरुआत में कैबिनेट सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देशों के बाद अब राज्य स्तर पर भी सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं की मासिक समीक्षा (Monthly Review System) शुरू कर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जिला और राज्य स्तर पर जवाबदेही तय करना है। इस नई पहल के तहत सबसे पहले ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की समीक्षा राज्य स्तर पर की जा रही है।

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