drnewsindia.com / सीहोर | क्राइम डेस्क
बड़ी बात: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां घायल बेटी अस्पताल में भर्ती है, वहीं उसकी मां अपनी गोद में छोटे बच्चे को लेकर घंटों थाने के बाहर इंसाफ की गुहार लगाती रही, लेकिन खाकी का दिल नहीं पघला।
🐐 क्या है पूरा मामला? (जंगल में हुई दरिंदगी)
पीड़ित महिला संतोषी बाई द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार घटना इस प्रकार है:
- उनकी 18-19 वर्षीय बेटी जंगल में बकरियां चराने गई थी।
- खेत में बकरी चले जाने की मामूली बात को लेकर एक दबंग व्यक्ति और उसके 5 से 6 साथियों ने युवती को घेर लिया।
- आरोप है कि आरोपियों ने युवती पर लाठियों और थप्पड़ों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गई।

🕒 दोपहर 4 से रात 10 बजे तक: थाने के बाहर बेबसी का मंजर
एक तरफ घायल युवती को इलाज और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया, तो दूसरी तरफ उसकी बेबस मां के साथ थाने में जो हुआ, उसने खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया:
| समय | स्थिति और पुलिस का रवैया |
| शाम 4:00 बजे | मां संतोषी बाई अपनी गोद में छोटे बच्चे को लेकर शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचीं। |
| घंटों का इंतजार | आरोप है कि पुलिस ने तत्परता दिखाने के बजाय क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) का बहाना बनाना शुरू कर दिया। |
| रात 10:00 बजे | 6 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की और महिला को एक थाने से दूसरे थाने भटकने के लिए कहा गया। |
पीड़िता संतोषी बाई का दर्द: “हमारी एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही है। पुलिस वाले कभी इधर तो कभी उधर भेज रहे हैं। हमें समझ नहीं आ रहा कि न्याय के लिए कहां जाएं।”

❓ उठते गंभीर सवाल: क्यों नहीं दर्ज हुई ‘ज़ीरो एफआईआर’?
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय जनता और प्रबुद्ध वर्ग में भारी आक्रोश है। लोग पुलिस प्रशासन से सीधे सवाल पूछ रहे हैं:
- संवेदनशीलता कहां गई? एक मां छोटे बच्चे के साथ रात तक सड़क पर बैठी रही, फिर भी पुलिस का दिल क्यों नहीं पसीजा?
- कानून का उल्लंघन क्यों? सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश हैं कि संगीन मामलों में क्षेत्राधिकार की परवाह किए बिना तुरंत ‘जीरो पर एफआईआर’ दर्ज होनी चाहिए, फिर सीहोर पुलिस ने सीमा विवाद का बहाना क्यों बनाया?
- अधिकारियों की चुप्पी क्यों? इतनी बड़ी लापरवाही और वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान सामने क्यों नहीं आया है?
ताजा स्थिति: फिलहाल घायल युवती का अस्पताल में इलाज जारी है, और सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद जनता पुलिस प्रशासन से लापरवाह कर्मियों पर सख्त कार्रवाई और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रही है।





