फंदा टोल प्लाजा बना छावनी: जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में निकली करणी सेना की ‘ट्रैक्टर यात्रा’ को पुलिस ने रोका, हाईवे पर धरने पर बैठे किसान

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सीहोर-भोपाल ब्यूरो डेस्क (20 जुलाई 2026): मध्य प्रदेश के अन्नदाताओं की प्रमुख मांगों और सुलगती समस्याओं को लेकर करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के नेतृत्व में इंदौर से भोपाल के लिए निकाली गई भव्य ‘ट्रैक्टर-यात्रा’ को सीहोर-भोपाल बॉर्डर पर रोक दिया गया। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फंदा टोल प्लाजा को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया था।

प्रशासन द्वारा बैरिकेड्स लगाकर हाईवे पर ही यात्रा को रोके जाने के बाद, करणी सेना परिवार के पदाधिकारियों और आक्रोशित किसानों ने सड़क पर ही अनिश्चितकालीन धरना और उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

📌 ट्रैक्टर यात्रा महा-प्रदर्शन: मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • 🚜 महा-आंदोलन: इंदौर से ट्रैक्टरों का विशाल काफिला लेकर भोपाल विधानसभा घेराव के लिए निकले थे किसान।
  • 🚧 हाईवे जाम की स्थिति: फंदा टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात; बैरिकेडिंग कर ट्रैक्टरों को आगे बढ़ने से रोका।
  • 👤 नेतृत्व: करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर और सीहोर जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदर्शन।
  • 🌾 प्रमुख मांगें: फसलों का उचित मुआवजा, अटके हुए फसल बीमा का तत्काल भुगतान और जमीन अधिग्रहण नीति में सुधार।

🛑 मुआवजा और बीमा मुख्य मुद्दा: “खेती ही आजीविका, बिना हक के नहीं देंगे जमीन”

टोल प्लाजा पर भारी नारेबाजी के बीच किसानों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। करणी सेना परिवार के सीहोर जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस की इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ किसानों ने बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया है:

अन्नदाता का कड़ा स्टैंड: किसान नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि— “उचित और बाजार दर पर मुआवजा मिले बिना हम अपनी एक इंच जमीन भी किसी प्रोजेक्ट के लिए देने को तैयार नहीं हैं। खेती ही हमारे परिवारों और बच्चों की आजीविका का एकमात्र सहारा है।”

किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले काफी समय से फसल बीमा (Crop Insurance) की राशि और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की राहत राशि को लेकर प्रशासनिक स्तर पर केवल टालमटोल किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अंचलों में भारी आक्रोश है।

⚠️ करणी सेना परिवार की खुली चेतावनी- “जल्द फैसला नहीं तो होगा आर-पार का आंदोलन”

फंदा टोल प्लाजा पर करीब घंटों चले इस प्रदर्शन के दौरान करणी सेना परिवार ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी दी है:

  • सकारात्मक फैसले का इंतजार: यदि किसानों की इन जायज मांगों पर सरकार ने २४ घंटे के भीतर कोई सकारात्मक और ठोस फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन का रुख और अधिक उग्र कर दिया जाएगा।
  • आगामी रणनीति: टीम जीवन सिंह शेरपुर ने स्पष्ट किया है कि वे किसानों के हक की लड़ाई के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं। यदि रास्ते नहीं खोले गए और मांगें नहीं मानी गईं, तो प्रदेश भर से लाखों किसान ट्रैक्टरों के साथ भोपाल कूच करेंगे।

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