drnewsindia.comसतना/चित्रकूट। मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में बिजली कटौती को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न्याय व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक न्यायिक अधिकारी के आवास पर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से नाराज होकर पूरे शहर की बिजली सप्लाई बंद करा दी गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।

जानकारी के अनुसार गुरुवार को तेज आंधी-तूफान के कारण चित्रकूट क्षेत्र में बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और विद्युत विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुटी हुई थी। इसी दौरान न्यायिक अधिकारी के आवास पर बिजली नहीं पहुंचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

विद्युत विभाग के ऑपरेटर पवन सिंह ने आरोप लगाया कि जज साहब ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ भी मारे। ऑपरेटर का कहना है कि विभागीय कर्मचारी लगातार बिजली व्यवस्था बहाल करने में लगे हुए थे, लेकिन तकनीकी कारणों से आपूर्ति सामान्य होने में समय लग रहा था।
घटना की जानकारी फैलते ही विद्युत विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। विरोध स्वरूप कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया, जिससे चित्रकूट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति और प्रभावित हो गई। मामले ने तूल पकड़ा तो स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस बल के साथ चित्रकूट एसडीओपी राजेश बंजारे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों से चर्चा कर मामले को शांत कराया। काफी समझाइश के बाद कर्मचारी काम पर लौटे और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल की गई।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि न्याय से जुड़े पदों पर बैठे अधिकारी ही अपने प्रभाव का दुरुपयोग करेंगे तो आम नागरिकों का व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। हालांकि मामले में आधिकारिक स्तर पर जांच और कार्रवाई को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल घटना का वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जबकि प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।




