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इंदौर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में ‘अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स कृषि सम्मेलन’ (BRICS Agricultural Conference) की शुरुआत हो चुकी है। इस बेहद महत्वपूर्ण सम्मेलन में दुनिया के 21 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे हैं।
इस बैठक में ब्राजील, इंडोनेशिया, चीन, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से भाग ले रहे हैं।
🔴 सम्मेलन के मुख्य एजेंडे: इन 3 बड़े मुद्दों पर हो रहा है मंथन
आज के विभिन्न सत्रों में टिकाऊ (Sustainable) कृषि-खाद्य प्रणालियों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। चर्चा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- खाद्य सुरक्षा (Food Security): वैश्विक स्तर पर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- जलवायु-अनुकूल खेती (Climate-Resilient Agriculture): बदलते मौसम और पर्यावरण के अनुकूल खेती की तकनीकों को बढ़ावा देना।
- कृषि नवाचार (Agricultural Innovation): खेती में नई टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स को जोड़ना।
क्यों खास है यह चर्चा? ये सभी विषय छोटे किसानों के सशक्तिकरण (Empowerment) और वैश्विक कृषि व्यापार को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी हैं।

📅 आगे का पूरा शेड्यूल (12 और 13 जून)
सम्मेलन के अगले दो दिन बेहद खास होने वाले हैं, जिनमें बड़े फैसले लिए जा सकते हैं:
- 12 जून (विशेष संवाद): कृषि मंत्रियों के बीच एक विशेष बातचीत होगी। इसका मुख्य फोकस छोटे किसानों, महिलाओं और युवाओं के माध्यम से खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर होगा।
- 13 जून (मंत्रिस्तरीय बैठक): इस दिन ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य के रोडमैप को मंजूरी दी जा सकती है।
📊 सम्मेलन की एक झलक (Quick Info)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| आयोजन स्थल | इंदौर, मध्य प्रदेश |
| शामिल देश | ब्रिक्स (BRICS) और अन्य सदस्य देशों सहित कुल 21 देश |
| मुख्य फोकस | खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और छोटे किसानों का विकास |
| 12 जून का एजेंडा | खेती में महिलाओं, युवाओं और छोटे किसानों की भागीदारी पर संवाद |
| 13 जून का एजेंडा | ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की महाबैठक |





