⚖️ राजा रघुवंशी हत्याकांड: ‘सोनम बाहर है, सबूत मिटा सकती है…’ भाई ने फिर उठाई CBI जांच की मांग, कहा- परिवार को अब भी इंसाफ का इंतजार

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denewsindia.com /इंदौर

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर इंसाफ की आवाज बुलंद होने लगी है। मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग तेज कर दी है। विपिन का आरोप है कि मुख्य आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी फिलहाल जमानत पर बाहर है, जिससे वह केस से जुड़े अहम सबूतों को प्रभावित या नष्ट कर सकती है। परिवार का कहना है कि घटना को लंबा समय बीत जाने के बाद भी वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

📍 हनीमून पर हुई थी हत्या, खाई में मिला था शव

इस पूरे मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था:

  • शादी और घटना: राजा रघुवंशी और सोनम की शादी 11 मई 2025 को हुई थी। इसके बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय की राजधानी शिलांग गए थे।
  • सनसनीखेज आरोप: आरोप है कि शिलांग में सोनम ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची और पति राजा की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शव को गहरी खाई में फेंक दिया गया।
  • गिरफ्तारी और जमानत: घटना के बाद आरोपी सोनम फरार हो गई थी, जिसे बाद में पुलिस ने सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, फिलहाल वह कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर है।

❓ भाई का सवाल: ‘लड़की के मामले में CBI जांच तो लड़के के लिए क्यों नहीं?’

राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने जांच प्रणाली पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है:

“भोपाल में एक युवती की मौत के मामले में तुरंत सीबीआई जांच कराई जा रही है, तो फिर इतने बड़े स्तर पर चर्चित रहे राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब तक ऐसा क्यों नहीं हुआ? इस केस में दूसरे राज्य (मेघालय) का एंगल भी जुड़ा हुआ है, इसलिए निष्पक्ष न्याय के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच बेहद जरूरी है।” — विपिन रघुवंशी (मृतक राजा का भाई)

🚨 सबूतों को प्रभावित करने की आशंका, परिवार ने जताई चिंता

विपिन रघुवंशी ने अपनी मांग के पीछे निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे हैं:

  • सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा: मुख्य आरोपी सोनम के जेल से बाहर आने के कारण केस के गवाहों और सबूतों को खतरा हो सकता है।
  • गहन जांच की जरूरत: परिवार का मानना है कि यदि सीबीआई इस मामले की गहराई से जांच करती है, तो हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई और सभी छिपे हुए चेहरे सामने आ सकेंगे।
  • अन्याय की भावना: इतने संगीन मामले में आरोपी को जमानत मिलने से पीड़ित परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है और सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगा रहा है।

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