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तिरुवनंतपुरम: केरल के विभिन्न हिस्सों में ‘शिगेला’ (Shigella) वायरस/बैक्टीरिया के संक्रमण के मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने खुद इन मामलों की पुष्टि करते हुए बताया है कि प्रदेश के कई जिलों से अब तक शिगेला के मरीजों की पहचान की जा चुकी है। हालांकि, सरकार ने स्थिति के पूरी तरह नियंत्रण में होने का दावा किया है।
किस जिले में कितने मामले?
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है:
- वायनाड (Wayanad): यहां स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां अब तक सबसे अधिक 9 पॉजिटिव मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
- तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram): राज्य की राजधानी में 6 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
- कोझिकोड (Kozhikode): इस जिले में अब तक 3 मरीजों की पुष्टि हुई है।
- कोल्लम (Kollam): यहाँ भी 2 लोग शिगेला संक्रमण की चपेट में आए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा, स्थिति नियंत्रण में
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने जनता से न घबराने की अपील की है। उन्होंने कहा, “स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं (Local Self-Governments) की देखरेख में प्रभावित इलाकों में बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के कड़े उपाय किए जा रहे हैं।”
संक्रमित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गहन जागरूकता अभियान (Awareness Campaigns) चलाए जा रहे हैं ताकि लोग इस बीमारी के लक्षणों और बचाव के तरीकों को समझ सकें।
क्या है शिगेला संक्रमण और इसके लक्षण?
शिगेला एक संक्रामक बैक्टीरिया है जो मुख्य रूप से आंतों (Intestines) को प्रभावित करता है। यह दूषित पानी, बासी या अस्वच्छ भोजन और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।

प्रमुख लक्षण:
- पेट में तेज दर्द और मरोड़ होना।
- दस्त (डायरिया) होना और कभी-कभी मल के साथ खून आना।
- तेज बुखार और उल्टी होना।
बचाव के लिए क्या करें?
- हमेशा पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पीएं।
- खाना खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
- खुले में रखे या बासी भोजन का सेवन करने से बचें।
- यदि किसी को दस्त या पेट दर्द की गंभीर समस्या हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।





