बड़ी खबर: भारत में टेलीग्राम पर लगी अस्थाई रोक! RE-NEET परीक्षा को देखते हुए सरकार ने लिया बड़ा फैसला

0
2

drnewsindia.com

देश में होने वाली बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर पूरे भारत में अस्थाई रोक (Temporary Ban) लगा दी है। सरकार का यह फैसला आगामी RE-NEET Exam (नीट पुनर्माली परीक्षा) को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए लिया गया है।

NTA की सिफारिश और IT Act की धारा 69A के तहत कार्रवाई

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की गंभीर सिफारिशों के आधार पर ही केंद्र सरकार ने यह कड़ा रुख अपनाया है। टेलीग्राम पर यह पाबंदी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 69A के अंतर्गत जारी आदेश के बाद लगाई गई है। हाल ही में टेलीग्राम के कई ग्रुप्स और चैनल्स पर परीक्षाओं के पेपर लीक करने, फर्जी प्रश्नपत्र बेचने और छात्रों को गुमराह करने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए यह फैसला लिया गया।

आखिर टेलीग्राम को ही क्यों किया गया बैन?

पेपर लीक और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में अक्सर टेलीग्राम का नाम सबसे ऊपर आता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • चैनल और ग्रुप्स की बड़ी क्षमता: टेलीग्राम पर लाखों की संख्या में मेंबर्स वाले ग्रुप्स और चैनल्स बनाए जा सकते हैं, जिससे कोई भी लीक कंटेंट या फर्जी जानकारी चंद मिनटों में लाखों लोगों तक पहुँच जाती है।
  • फाइल शेयरिंग की बड़ी लिमिट: इस प्लेटफॉर्म पर भारी-भरकम पीडीएफ फाइल्स, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स को आसानी से शेयर किया जा सकता है, जिसका फायदा पेपर लीक करने वाले गिरोह उठाते हैं।

धोखाधड़ी और स्कैमर्स की पहली पसंद क्यों है टेलीग्राम?

साइबर एक्सपर्ट्स और सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, टेलीग्राम के कुछ फीचर्स इसे स्कैमर्स के लिए काफी सुरक्षित बना देते हैं:

  1. आसान अकाउंट और प्राइवेसी: टेलीग्राम पर अकाउंट बनाना बेहद आसान है। साथ ही, इसके सख्त प्राइवेसी फीचर्स के कारण यूज़र्स आसानी से अपनी पहचान छुपा सकते हैं।
  2. वर्चुअल नंबर्स का इस्तेमाल: कई देशों में मिलने वाले अस्थाई या वर्चुअल नंबर्स (Virtual Numbers) के ज़रिए अपराधी टेलीग्राम पर फर्जी अकाउंट्स एक्टिवेट कर लेते हैं। इससे उनके असली मोबाइल नंबर या लोकेशन को ट्रैक करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

21 जून को होने वाले RE-NEET पर कड़ा पहरा

आपको बता दें कि सरकार 21 जून को होने वाले नीट री-एग्जाम को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहती। एक तरफ जहाँ प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुँचाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) की मदद ली जा रही है, वहीं दूसरी तरफ टेलीग्राम पर बैन लगाकर डिजिटल माध्यमों से होने वाली हर तरह की गड़बड़ी या अफवाहों का रास्ता भी बंद कर दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here