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मुंबई। महाराष्ट्र का सियासी पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। उद्धव ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) के कुछ लोकसभा सांसदों की लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) से गुपचुप मुलाकात की खबरों के बाद शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है।
संजय राउत ने पाला बदलने की सुगबुगाहट रखने वाले सांसदों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर किसी के मन में गद्दारी का विचार है, तो वह तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे और फिर जहां जाना है जाए।
⚡ मुलाकात की खबरों के बाद राउत का ‘रौद्र रूप’
पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि उद्धव गुट के कुछ नवनिर्वाचित सांसद पाला बदलकर शिंदे गुट या भाजपा के संपर्क में हैं। इन सांसदों की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की खबरों ने आग में घी का काम किया।
इस पर पलटवार करते हुए संजय राउत ने कहा:
“पार्टी ने जिन्हें टिकट दिया, जनता ने जिन्हें उद्धव ठाकरे के नाम और ‘मशाल’ चिन्ह पर चुनकर भेजा, अगर वे आज दलबदल की सोच रहे हैं, तो यह जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा होगा। अगर हिम्मत है तो सांसद पद छोड़ें और फिर से चुनाव लड़कर दिखाएं।”

🔍 दलबदल कानून की याद दिलाई
संजय राउत ने बागियों को कानूनी पचड़ों और जनता के आक्रोश की चेतावनी भी दी। उन्होंने साफ किया कि महाविकास अघाड़ी (MVA) के कार्यकर्ता और महाराष्ट्र की जनता गद्दारी करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी। पार्टी नेतृत्व हर एक हलचल पर पैनी नजर रखे हुए है और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📌 महाराष्ट्र सियासत: मुख्य बिंदु (Quick Takeaways)
| मुख्य घटनाक्रम | विवरण और प्रभाव |
| विवाद की वजह | उद्धव गुट के कुछ सांसदों की लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की खबरें |
| संजय राउत का स्टैंड | पाला बदलने से पहले सांसद पद से तत्काल इस्तीफे की मांग |
| पार्टी का रुख | दलबदल की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई |
| राजनीतिक माहौल | विधानसभा चुनावों से पहले महाराष्ट्र में शह-मात का खेल तेज |





