drnewsindia.com
सीहोर। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही सीहोर जिले के अन्नदाताओं के लिए प्रशासन की ओर से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। खेती-किसानी के कार्यों में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने के लिए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने बुधवार को एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है।
नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालक किसानों को कृषि कार्य के लिए प्लास्टिक के केन (Containers) में भी डीजल उपलब्ध करा सकेंगे। खाद्य विभाग के दिशा-निर्देशों के बाद जिला प्रशासन द्वारा यह जनहितैषी निर्णय लिया गया है।
🌾 खरीफ बुआई के समय किसानों को मिलेगी बड़ी सहूलियत
वर्तमान में पूरे सीहोर जिले में मानसून की आहट के साथ ही खरीफ फसलों की बुआई का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है। ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों को चलाने के लिए किसानों को बड़े पैमाने पर डीजल की आवश्यकता होती है।
अक्सर खेतों से ट्रैक्टर को बार-बार पेट्रोल पंप तक लाना किसानों के लिए समय और पैसे दोनों की बर्बादी का कारण बनता था। प्रशासन के इस फैसले से अब किसान सीधे पंप से डीजल लाकर अपने खेतों में ही काम सुचारू रूप से जारी रख सकेंगे।

🛑 अधिकतम 50 लीटर डीजल की सीमा और जरूरी दस्तावेज
इस नई व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कुछ जरूरी नियम और शर्तें भी तय की हैं:
- डीजल की अधिकतम सीमा: एक बार में एक किसान को प्लास्टिक के केन में अधिकतम 50 लीटर तक ही डीजल दिया जा सकेगा।
- पहचान पत्र अनिवार्य: डीजल प्राप्त करने के लिए किसानों को पेट्रोल पंप पर अपनी वैध पहचान (जैसे किसान किताब, पहचान पत्र या खेती से जुड़े आवश्यक दस्तावेज) प्रस्तुत करनी होगी।

📋 सुरक्षा नियमों का पालन रहेगा अनिवार्य
कलेक्टर ने आदेश में साफ किया है कि इस छूट का दुरुपयोग न हो, इसके लिए सभी शासकीय, सुरक्षा और वैधानिक प्रावधानों का कड़ाई से पालन करना होगा।
- सुरक्षा मानक: पेट्रोल पंप संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि डीजल सुरक्षित केन में ही दिया जाए ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या आगजनी का खतरा न रहे।
- रिकॉर्ड संधारण: पंप संचालकों को प्रत्येक किसान को बेचे गए डीजल और उनके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों का पूरा रिकॉर्ड (रजिस्टर या डिजिटल डेटा) अपने पास सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।

📌 किसान डीजल आपूर्ति योजना: एक नजर में (Quick Glance)
| मुख्य बिंदु | नियम और दिशा-निर्देश |
| आदेश जारीकर्ता | कलेक्टर श्री बालागुरू के. (सीहोर) |
| किसे मिलेगी छूट? | केवल जिले के पंजीकृत एवं वास्तविक किसानों को |
| डीजल की मात्रा | प्लास्टिक केन में अधिकतम 50 लीटर प्रति किसान |
| अनिवार्य शर्त | निर्धारित पहचान पत्र और कृषि दस्तावेज दिखाना जरूरी |
| मुख्य उद्देश्य | खरीफ फसल की बुआई के दौरान कृषि कार्यों को गति देना |




