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राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर क्षेत्र स्थित बामन गांव से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। बुधवार दोपहर एक खेत में निर्माणाधीन कुएं के अचानक धंस जाने से सास-बहू की मलबे में दबकर मौत हो गई। मृतकाएं कांग्रेस नेता और जनपद सदस्य मुकेश कोट (डांगी) की मां रूपाबाई (60 वर्ष) और पत्नी पिंकी बाई (30 वर्ष) थीं।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से करीब 7 घंटे तक चले भारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों महिलाओं के शवों को मलबे से बाहर निकाला जा सका।
🏗️ कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता मुकेश कोट (डांगी) अपने खेत पर स्थित एक पुराने कुएं का पुनर्निर्माण करवा रहे थे। कुएं की बाउंड्री को आरसीसी (RCC) से मजबूत तैयार किया गया था और मंगलवार को ही निर्माण कार्य पूरा हुआ था।
- मिट्टी गीली होना बना वजह: आरसीसी की कंक्रीट को मजबूत करने (तराई) के लिए कुएं के चारों ओर की जमीन को पानी से गीला किया गया था। बाउंड्री में लोहे की सेंट्रिंग भी लगी हुई थी।
- मदद करने बढ़ीं और समा गईं: बुधवार को मां रूपा बाई और पत्नी पिंकी बाई कुएं को देखने खेत पर पहुंची थीं। वहां आरसीसी कार्य की बची हुई गिट्टी बिखरी देख रूपा बाई उसे समेटने लगीं। उन्हें देखकर बहू पिंकी बाई भी मदद के लिए आगे आईं।
- 25 फीट गहरे कुएं में गिरीं: इसी दौरान कुएं के आसपास की करीब 40 फीट क्षेत्र की मिट्टी अचानक भरभराकर धंस गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि दोनों महिलाएं संभल नहीं सकीं और 25 फीट गहरे कुएं में जा गिरीं। कुछ ही पलों में पूरा कुआं भारी मात्रा में गिरी मिट्टी से पट गया।

🚜 4 जेसीबी, 3 पोकलेन और 50 लोगों की टीम ने चलाया महा-अभियान
हादसे के बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर फावड़ों से मिट्टी हटाने की कोशिश की, लेकिन मिट्टी लगातार खिसकने के कारण वे अंदर नहीं पहुंच सके। इसके बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई।
- दोपहर 1 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू: सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। भारी मात्रा में मलबे को देखते हुए तुरंत 4 जेसीबी और 3 पोकलेन मशीनें काम पर लगाई गईं।
- सावधानी से हटाया मलबा: रेस्क्यू टीम में 50 से अधिक लोग शामिल थे। अधिकारियों के मुताबिक, अतिरिक्त मिट्टी धंसने के खतरे को देखते हुए बेहद सावधानी से खुदाई की गई। पहले 8 फीट तक की मिट्टी हटाई गई जहां एक महिला का शरीर दिखाई दिया, जिसके बाद कड़ी मशक्कत कर दोनों के शवों को बाहर निकाला गया।

🚑 मौके पर पहुंचे विधायक और प्रशासनिक अमला
हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक हजारी लाल डांगी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। वे मौके पर मौजूद अधिकारियों से लगातार समन्वय बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने के निर्देश देते रहे।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने कुएं के आसपास टेपिंग कर बैरिकेडिंग कर दी थी ताकि ग्रामीणों की भारी भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, आपातकालीन स्थिति के लिए खिलचीपुर अस्पताल से एक एम्बुलेंस को डॉक्टर की टीम के साथ मौके पर स्टैंडबाय पर रखा गया था।
📌 राजगढ़ कुआं हादसा: मुख्य विवरण (Quick Glance)
| मुख्य बिंदु | घटना की पूरी जानकारी |
| घटनास्थल | बामन गांव, खिलचीपुर क्षेत्र, जिला राजगढ़ (म.प्र.) |
| मृतक महिलाएं | रूपाबाई (60 वर्ष – मां) एवं पिंकी बाई (30 वर्ष – पत्नी) |
| पीड़ित परिवार | मुकेश कोट डांगी (कांग्रेस नेता एवं जनपद सदस्य) |
| कुएं की गहराई | लगभग 25 फीट (मलबे का दायरा करीब 40 फीट) |
| रेस्क्यू का समय | करीब 7 घंटे लगातार (दोपहर 1 बजे से शाम तक) |
| तैनात मशीनरी | 4 जेसीबी मशीनें, 3 पोकलेन और 50+ बचावकर्मी |





