मप्र में जनआक्रोश: सीहोर में किसानों ने रोका केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का काफिला; नीमच में भारी विरोध के बाद कार्यक्रम छोड़ भागे बीजेपी विधायक

0
7

drnewsindia.com

सीहोर/नीमच। मध्य प्रदेश में जनप्रतिनिधियों को जनता और विपक्ष के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सीहोर में जहाँ कांग्रेस नेताओं और किसानों ने मिलकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोक दिया, वहीं नीमच में पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को ग्रामीणों के तीखे गुस्से के कारण कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा।

सीहोर: ‘आप हमारे भी प्रतिनिधि हैं…’ जब कांग्रेसियों ने रोका शिवराज का काफिला

रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इछावर के आजाद मैदान में आयोजित ‘जनकल्याण शिविर’ में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कांग्रेस नेताओं और किसानों ने उनका काफिला रोक लिया।

बातचीत के मुख्य अंश:

  • विपक्ष का तर्क: कांग्रेस नेताओं ने शिवराज से कहा, “भले ही हम कांग्रेस पार्टी से हैं, लेकिन आप हमारे भी प्रतिनिधि हैं।”
  • शिवराज का जवाब: केंद्रीय मंत्री ने सहजता दिखाते हुए कहा, “मैं जनता का प्रतिनिधि हूँ, तो सबका प्रतिनिधि हूँ। आपका भी प्रतिनिधि हूँ।”

किसानों की समस्याएं और ज्ञापन

कांग्रेस नेताओं और किसानों ने केंद्रीय मंत्री को कृषि समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों से किसान खाद और अन्य कृषि कार्यों के लिए परेशान हैं। डिजिटल पोर्टल का सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को घंटों लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले पर जल्द सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

अफसरों को शिवराज की दोटूक चेतावनी काफिला रोके जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान आजाद चौक पहुंचे। वहां उन्होंने मंच से अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा— “कुछ अफसरों को जनता के काम रोकने में ही मजा आता है। वे सकारात्मक सोच के साथ काम करें और सरकार की मंशा पर पलीता न लगाएं। मुझे शिकायतें मिली हैं कि पात्र लोगों के नाम भी योजनाओं से काटे जा रहे हैं। अब ऐसा बिल्कुल नहीं चलेगा। किसी भी गरीब का हक नहीं मारा जाएगा।”

नीमच: “मरीज कीचड़ से तड़पते हुए आएंगे?” ग्रामीणों के सवालों पर घिरे विधायक सकलेचा

उधर, नीमच जिले के जावद विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा को जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। बांगरेड गांव में आयोजित एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम में सकलेचा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे।

मंच संभालते ही भड़की जनता

जैसे ही विधायक ने भाषण देना शुरू किया, ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सीधे सवाल दाग दिए। ग्रामीणों का कहना था:

“विधायक जी! अस्पताल तो बन रहा है, लेकिन मरीज यहाँ तक पहुँचेंगे कैसे? क्या वे कीचड़ और कच्चे रास्ते से तड़पते हुए आएंगे?”

धक्का-मुक्की और ‘वापस जाओ’ के नारे

सवालों का संतोषजनक जवाब न मिलने पर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित भीड़ ने मंच को घेरकर ‘विधायक वापस जाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। स्थिति को संभालने के लिए जब सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो उनके साथ तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। माहौल बिगड़ता देख विधायक सकलेचा को कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर अपनी गाड़ी से वापस लौटना पड़ा।

विधायक की सफाई: “वोट नहीं देना तो मत देना”

विरोध के बीच विधायक ओमप्रकाश सकलेचा का गुस्सा भी देखने को मिला। उन्होंने ग्रामीणों से नाराजगी जताते हुए कहा, “पहले मेरी बात सुनो, अगर वोट नहीं देना तो मत देना।” इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि सड़क निर्माण से संबंधित आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं और मंजूरियां पूरी की जा रही हैं और इसका कार्य प्रक्रिया में है।

इस घटनाक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच पनप रहे असंतोष को बयां कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here