बेंगलुरु मेट्रो ठप: घर जाने के लिए ट्रकों पर चढ़े आईटी प्रोफेशनल्स; सांसद बोले- ‘फर्स्ट वर्ल्ड टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस’

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drnewsindia.com

बेंगलुरु, 24 जून 2026: भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। मंगलवार शाम को पर्पल लाइन मेट्रो में आई तकनीकी खराबी के कारण पूरी मेट्रो सेवा 5 घंटे के लिए ठप हो गई। पीक आवर्स (दफ्तर की छुट्टी के समय) में हुए इस हादसे के कारण हजारों टेक प्रोफेशनल्स स्टेशनों पर फंस गए। हालात इतने बिगड़ गए कि घर पहुंचने के लिए देश के टॉप इंजीनियर्स और आईटी कर्मचारियों को ट्रकों, लॉरियों और ऑटो का सहारा लेना पड़ा, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।

मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, क्यूब्बन पार्क स्टेशन पर एक ट्रेन में आई तकनीकी खराबी के कारण यह संकट खड़ा हुआ। सेवा को पूरी तरह दुरुस्त करने में 5 घंटे लगे और बुधवार सुबह 5 बजे से दोबारा मेट्रो शुरू हो सकी।

💼 25 लाख टेक प्रोफेशनल्स की लाइफलाइन है ‘पर्पल लाइन’

बेंगलुरु की पर्पल लाइन को शहर के आईटी सेक्टर की रीढ़ की हड्डी माना जाता है:

  • आबादी का 20% हिस्सा: बेंगलुरु में करीब 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स हैं, जो शहर की कुल आबादी का 20% हैं और इनमें से अधिकांश इसी रूट का उपयोग करते हैं।
  • प्रमुख कंपनियों के ऑफिस: यह लाइन सीधे व्हाइटफील्ड और ITPL (इंटरनेशनल टेक पार्क बेंगलुरु) जैसे बड़े टेक कॉरिडोर को एमजी रोड और मजेस्टिक जैसे सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट से जोड़ती है।
  • इस रूट पर TCS, Infosys, IBM, Cognizant, Wipro, और Oracle जैसी दिग्गज कंपनियों के दफ्तर हैं, जहाँ के कर्मचारी ट्रैफिक जाम से बचने के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं।

📢 राजनीतिक घमासान: “यह बेंगलुरु की लाचारी है”

इस अव्यवस्था को लेकर बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:

“फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस (यानी दुनिया का सबसे बेहतरीन टैलेंट और सबसे खराब प्रशासन)। यही बेंगलुरु की कहानी बन चुकी है। मेट्रो बंद होते ही पूरा शहर अव्यवस्था में चला गया। कैब नहीं मिलतीं, ऑटो मना कर देते हैं और कल देश के टॉप प्रोफेशनल्स को ट्रकों में बैठकर घर जाना पड़ा।”

📊 आंकड़े: बेंगलुरु के ट्रैफिक का ‘डरावना’ सच

2025 में ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए गए हीटमैप और परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बेंगलुरु की सड़कों पर रेंगना कितना मजबूर कर देने वाला है:

ट्रैफिक का पैमानावर्तमान स्थिति (रिपोर्ट के अनुसार)
रोजाना लगने वाला जामशहर में हर दिन करीब 190 किलोमीटर लंबा जाम लगता है।
सालाना बर्बादीबेंगलुरु का हर यात्री साल में औसतन 117 घंटे सिर्फ ट्रैफिक जाम में गंवा देता है।
सफर का समय19 किमी की दूरी तय करने में अब औसतन 63 मिनट का समय लगता है (जो पहले से 16% बढ़ गया है)।
वाहनों का दबावजनवरी से जून 2025 के बीच शहर में 3 लाख से ज्यादा नई गाड़ियां रजिस्टर्ड हुईं, जिनमें सिर्फ जून में 50 हजार वाहन शामिल थे।

🚀 “बेंगलुरु के ट्रैफिक से आसान अंतरिक्ष की यात्रा है”

बेंगलुरु के इस बदनाम ट्रैफिक पर नवंबर 2025 में बेंगलुरु टेक समिट में हिस्सा लेने आए देश के मशहूर एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने भी मजाकिया लहजे में तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि— “अंतरिक्ष में यात्रा करना बेंगलुरु के खराब ट्रैफिक को पार करने से कहीं ज्यादा आसान और सुगम है।” उन्होंने खुद मराठाहल्ली से एग्जीबिशन सेंटर तक का सफर तय करने में भारी ट्रैफिक का सामना किया था।

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