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नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) ओम बिरला ने आज राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के अमर रचयिता, महान साहित्यकार और देशभक्त बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस खास मौके पर उन्होंने राष्ट्र निर्माण और स्वतंत्रता संग्राम में बंकिम चंद्र जी के अमूल्य योगदान को याद किया।
✊ ‘गुलाम भारत के लोगों में जगाई देशभक्ति की भावना’ – ओम बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के लेखन की ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा:
“महान साहित्यकार और हमारे राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। श्री बंकिम चंद्र जी ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से गुलाम भारत के लोगों में खोया हुआ आत्मसम्मान, प्रखर देशभक्ति और आज़ादी की अलख जगाई। उनका साहित्य आज भी हर भारतीय को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।”

📖 ‘आनंदमठ’ भारतीय संस्कृति और आत्मगौरव का प्रतीक
श्री बिरला ने बंकिम चंद्र जी के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक उपन्यास का जिक्र करते हुए कहा कि उनका कालजयी उपन्यास ‘आनंदमठ’ भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और हमारे आत्मगौरव का एक अमर प्रतीक है। इसी उपन्यास से लिए गए ‘वंदे मातरम्’ गीत ने पूरे स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारियों और आम जनता के भीतर ऊर्जा फूंकने का काम किया था, जो आज भी हर देशवासी के रोंगटे खड़े कर देता है।




