MP Weather Update: मध्य प्रदेश के 43 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, जानें आपके शहर में कब पहुंचेगा मानसून

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drnewsindia.com/ भोपाल

मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक देने के बाद मानसून फिलहाल ठहर गया है। पिछले 3 दिनों से मानसून की रफ्तार थमी हुई है और इसके आगे बढ़ने के लिए अभी 2 से 3 दिन का और इंतजार करना पड़ सकता है।

मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, मानसून जब आगे बढ़ेगा तो सबसे पहले भोपाल-उज्जैन संभाग में पहुंचेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में यह सबसे आखिर में दस्तक देगा।

मानसून डायरी: प्रदेश में 24 जून को मानसून ने एंट्री ली थी। पहले ही दिन आलीराजपुर, इंदौर, धार, बैतूल, खंडवा, छिंदवाड़ा समेत 15 जिलों में मानसून सक्रिय हो गया था, लेकिन इसके बाद से परिस्थितियां स्थिर बनी हुई हैं।

📍 आज इन जिलों में बारिश का अनुमान (43 जिले)

मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की संभावना जताई है:

  • भारी/मध्यम बारिश की संभावना: भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर।
  • कहीं-कहीं हल्की बौछारें: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी और टीकमगढ़।

⛈️ पिछले 24 घंटे का हाल: आंधी-बारिश से तबाही, 5 मौतें

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। हालांकि, कुछ जगहों से दर्दनाक हादसे भी सामने आए:

  • सिवनी: करीब 2 इंच तक पानी गिरा।
  • उज्जैन: डेढ़ इंच से ज्यादा की झमाझम बारिश।
  • वज्रपात से मौत (बालाघाट): बैहर तहसील के बिरवा में बिजली गिरने से 2 बच्चों समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग झुलस गए।
  • हादसा (देवास): खटांबा गांव में सूर्य पूजा के दौरान तेज आंधी-बारिश के कारण एक गैलरी गिर गई, जिससे 2 महिलाओं की मौत हो गई और 3 लोग घायल हो गए।

🌡️ प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

बारिश के कारण दिन के पारे में गिरावट आई है। खरगोन में सबसे कम 30°C तापमान दर्ज किया गया।

शहरअधिकतम तापमान
ग्वालियर41.8°C
जबलपुर36.7°C
भोपाल33.8°C
इंदौर33.8°C
उज्जैन33.5°C

📊 बारिश का आंकड़ा: सामान्य से 41% कम, पर स्थिति में सुधार

पिछले 72 घंटों की लगातार बारिश से मध्य प्रदेश में पानी का कोटा सुधरा है।

  • वर्तमान स्थिति: 1 जून से अब तक कुल 58.5 मिमी (2.1 इंच) बारिश हुई है, जो सामान्य (99 मिमी) से 41% कम है।
  • सुधार: 24 जून तक यह कमी 50% पर थी, जिसमें अब 9% का सुधार हुआ है।
  • क्षेत्रीय अंतर: पूर्वी एमपी में सामान्य से 68% कम पानी गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में केवल 15% की कमी है।

🌦️ जिलों की स्थिति: कहाँ कम, कहाँ ज्यादा बारिश?

  • ज्यादा बारिश वाले प्रमुख जिले: भोपाल, इंदौर, सीहोर, शाजापुर, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर और बुरहानपुर।
  • कम बारिश वाले प्रमुख जिले: जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, और विदिशा समेत अन्य जिले।

🏙️ एमपी के 5 बड़े शहरों में जून महीने का ट्रेंड और रिकॉर्ड

1. भोपाल (Bhopal)

  • ट्रेंड: जून में यहाँ तेज गर्मी और भारी बारिश दोनों का मिलाजुला रुख रहता है।
  • रिकॉर्ड: साल 2020 के जून महीने में रिकॉर्ड 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं पिछले साल (2024) पूरे महीने में 10.9 इंच पानी गिरा था।

2. इंदौर (Indore)

  • ट्रेंड: जून आते-आते यहाँ के तापमान में गिरावट होने लगती है। पिछले कुछ सालों से जून में कम गर्मी पड़ रही है।
  • रिकॉर्ड: इंदौर में जून महीने का ऑल-टाइम हाई बारिश का रिकॉर्ड साल 1980 का है, जब यहाँ 17 इंच से ज्यादा पानी बरसा था।

3. ग्वालियर (Gwalior)

  • ट्रेंड: ग्वालियर में जून के महीने में भी मई जैसी झुलसाने वाली गर्मी पड़ती है। अमूमन पारा 45°C से 46°C के बीच रहता है।
  • रिकॉर्ड: 11 जून 2019 को यहाँ का तापमान 47.8°C तक जा चुका है। यहाँ 24 घंटे में सर्वाधिक 7.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जून 1952 को बना था।

4. जबलपुर (Jabalpur)

  • ट्रेंड: चूंकि मानसून अक्सर इसी संभाग से प्रवेश करता है, इसलिए जून के महीने में ही यहाँ कोटे की 30% तक बारिश हो जाती है।
  • रिकॉर्ड: साल 1998 के जून में जबलपुर में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

5. उज्जैन (Ujjain)

  • ट्रेंड: जून में महाकाल की नगरी में भी अच्छी बारिश का ट्रेंड है। पिछले सालों में यहाँ 2.5 से लेकर 8 इंच तक पानी गिर चुका है।
  • रिकॉर्ड: साल 1970 में यहाँ जून महीने में 13.5 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।

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