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मुंबई। मायानगरी मुंबई से एक बेहद चौंकाने वाली और खौफनाक खबर सामने आई है। मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस के दौरान भीड़ को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी जुलूस में शामिल लोगों को ‘दर्द से राहत’ (Pain Killer) के नाम पर जिंक फॉस्फाइड (चूहे मारने वाला घातक जहर) से भरे कैप्सूल बांट रहा था।
यह गंभीर मामला मुंबई के जेजे और भायखला इलाके का है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के पास से भारी मात्रा में जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं।
🤮 एक शख्स की तबीयत बिगड़ने पर खुला खौफनाक राज
पुलिस के मुताबिक, जुलूस के दौरान आरोपी कई लोगों को ये कैप्सूल थमा चुका था। तभी एक शख्स ने जैसे ही दवा समझकर इसे खाया, उसके पेट में तेज दर्द होने लगा और लगातार उल्टियां शुरू हो गईं।
- भीड़ ने दबोचा: पीड़ित की हालत देखकर वहां मौजूद लोगों को तुरंत शक हुआ। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना मौके पर तैनात पुलिस को दी और आरोपी को धरदबोचा।
- भारी बरामदगी: पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद हुए।
- 50 किलो जहर मंगाया: शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने हर कैप्सूल में करीब 1 ग्राम जहर भरा था। इसके लिए उसने बकायदा 50 किलो जिंक फॉस्फाइड मंगाया था और वह करीब 30 हजार जहरीले कैप्सूल बनाकर बांटने की फिराक में था।

🗺️ पुणे का रहने वाला है आरोपी; ईरान-इराक से जुड़े हैं तार!
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पुणे का रहने वाला है और पेंट (Paint) का कारोबार करता है।
डीसीपी जयंत मीणा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया:
“पूछताछ में यह साफ हुआ है कि आरोपी का मकसद मुहर्रम जुलूस की भीड़ को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाना था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी साल 2025 में ईरान और इराक की यात्रा पर गया था। इन विदेशी यात्राओं का असली उद्देश्य क्या था और क्या इस साजिश के तार वहां से जुड़े हैं, हमारी स्पेशल टीम इसकी गहराई से तफ्तीश कर रही है।”
⚠️ कितना खतरनाक है जिंक फॉस्फाइड (Zinc Phosphide)?
जिंक फॉस्फाइड एक गहरे भूरे या काले रंग का बेहद खतरनाक केमिकल है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर खेतों या घरों में चूहों को मारने (Rodenticide) के लिए किया जाता है।
- कैसे करता है असर: यह केमिकल पेट में पहुंचने के बाद वहां मौजूद एसिड के संपर्क में आते ही फॉल्फीन गैस बनाता है। यह गैस शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन के प्रवाह को पूरी तरह रोक देती है, जिससे चंद मिनटों में लीवर, किडनी और दिल काम करना बंद कर देते हैं।
- कोई एंटीडोट नहीं: डॉक्टरों के मुताबिक, इस जहर का कोई विशेष एंटीडोट (काटने वाली दवा) उपलब्ध नहीं है। पीड़ित को केवल सपोर्टिव मेडिकल ट्रीटमेंट के जरिए ही बचाने की कोशिश की जाती है।

⚖️ कड़े कानून के तहत दर्ज हुआ केस
भारत में जिंक फॉस्फाइड की बिक्री कीटनाशक अधिनियम, 1968 (Insecticides Act, 1968) के तहत नियंत्रित होती है। चूंकि आरोपी ने इस जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल एक बड़ी भीड़ की जान लेने की साजिश के लिए किया, इसलिए मुंबई पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या के प्रयास (Attempt to Murder), आपराधिक साजिश और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी बेहद संगीन और गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज किया है।




