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मुंबई/ठाणे। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब महाराष्ट्र से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ रविवार को होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का पेपर एग्जाम से महज 24 घंटे पहले लीक हो गया। ‘महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल’ (MSEC) ने पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। नई तारीखों का एलान बाद में किया जाएगा।
पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ठाणे के भिवंडी इलाकों में कई जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने एग्जामिनेशन काउंसिल के अफसरों को बुलाकर जब्त किए गए पेपर का मिलान कराया, जो असली प्रश्नपत्र से हूबहू मैच हो गया। इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
🔒 हाईटेक सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे फेल: 1,729 सेंटर्स पर होना था एग्जाम
हैरानी की बात यह है कि इस बार परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने के लिए राज्य सरकार और काउंसिल ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए थे, जो धरे के धरे रह गए:
- AI कैमरों का पहरा: राज्यभर के 1,729 परीक्षा केंद्रों पर 18,000 AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित CCTV कैमरे लगाए गए थे।
- कंट्रोल रूम से निगरानी: हर केंद्र की लाइव मॉनिटरिंग राज्य और जिला स्तर के मुख्य कंट्रोल रूम से की जा रही थी।
- बायोमेट्रिक एंट्री: उम्मीदवारों के लिए बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) के साथ मेटल डिटेक्टर से जांच की व्यवस्था थी।
- कड़े नियम: मोबाइल, स्मार्ट वॉच जैसी इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर पूरी तरह रोक थी और पहचान पत्र के तौर पर आधार, पैन या ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य किया गया था।
⚠️ 5 साल में 10वां बड़ा झटका: पिछले 5 वर्षों में देश के भीतर यह 10वां बड़ा पेपर लीक मामला है। इससे पहले राजस्थान की ‘रीट’ (REET), यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती और हाल ही में मई 2026 में हुए नीट-यूजी (NEET-UG) जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे देश का युवा बेहद आक्रोशित है।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: नौकरी बचाने के लिए TET पास करना है अनिवार्य
यह परीक्षा इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि महाराष्ट्र में सरकारी शिक्षक बनने के अलावा जो पहले से नौकरी में हैं, उनके लिए भी अब TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 2 सितंबर 2025 को अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए एक ऐतिहासिक आदेश सुनाया था, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
NCTE द्वारा अनिवार्यता
वर्ष 2010
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (NCTE) ने कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए इस राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा को अनिवार्य किया और पास करने के लिए पहले 5 साल और फिर 4 साल का वक्त दिया।
मद्रास हाई कोर्ट का फैसला
जून 2025
मद्रास हाई कोर्ट ने राहत देते हुए कहा था कि 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को सेवा में बने रहने के लिए टीईटी की बाध्यता नहीं होगी, पर प्रमोशन के लिए यह जरूरी रहेगा। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट का अंतिम आदेश
02 सितंबर 2025
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कहा कि जिन शिक्षकों की नौकरी 5 साल से ज्यादा बची है, उन सभी को सेवा में बने रहने और प्रमोशन दोनों के लिए TET पास करना ही होगा।
डेडलाइन और नियम
31 अगस्त 2028
सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 तय किया है। जो शिक्षक इस तारीख तक परीक्षा पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें या तो इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट (अनिवार्य सेवानिवृत्ति) दे दी जाएगी।

🗣️ राजनीतिक घमासान: राहुल गांधी ने कहा- “यह युवाओं के भविष्य की चोरी”
इस पेपर लीक के बाद सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा:
“एक और पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हो गई। इस बार महाराष्ट्र की TET परीक्षा! देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था अब सिर्फ एक ‘वसूली का सिस्टम’ बनकर रह गई है। इससे देश का हर युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यह सिर्फ एक पेपर लीक की घटना नहीं है, बल्कि हमारे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की सरेआम चोरी है।”




