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बेंगलुरु / कर्नाटक के बेंगलुरु अंतर्गत मदापट्टना में एक बड़ा और दर्दनाक खदान हादसा सामने आया है। यहाँ एक ग्रेनाइट खदान में विशाल चट्टान खिसकने से मध्य प्रदेश के 5 श्रमिकों समेत कुल 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे की चपेट में आने से खदान में खड़ी गाड़ियां और ट्रैक्टर भी चकनाचूर हो गए। घटना के बाद से ही राहत और बचाव कार्य जारी है।
मुख्य बिंदु: हादसे से जुड़े अहम तथ्य
- कहाँ हुआ हादसा: मदापट्टना, बेंगलुरु (कर्नाटक) स्थित एक ग्रेनाइट क्रेशर खदान।
- कुल हताहत: 7 मजदूरों की मौत, 5 गंभीर रूप से घायल, 4 सुरक्षित बचाए गए (कुल 16 मजदूर तैनात थे)।
- मृतकों का विवरण: मृतकों में 5 मजदूर मध्य प्रदेश के, 1 छत्तीसगढ़ का और 1 कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था।
- मुआवजे का ऐलान: खदान मालिक ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए और घायलों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
सेंट्रल रेंज के डीआईजी एस. गिरीश के मुताबिक, इस ग्रेनाइट खदान में दो क्रेशर प्लांट संचालित हो रहे थे—एक ऊपरी हिस्से में और दूसरा नीचे। हादसे के वक्त करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे।
ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग मशीन से चट्टानों को तोड़ने का काम चल रहा था, तभी अचानक एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान फिसलकर नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरी। भारी चट्टान के नीचे दबने से सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंजर इतना खौफनाक था कि वहां खड़ा एक ट्रैक्टर और लोडिंग वाहन टुकड़ों में बंट गए।

मध्य प्रदेश सरकार अलर्ट, श्रम मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
हादसे में मध्य प्रदेश के 5 मजदूरों की मौत के बाद राज्य सरकार भी सक्रिय हो गई है। मध्य प्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया:
“हमने इस खदान हादसे को लेकर कर्नाटक प्रशासन से पूरी जानकारी मांगी है। श्रम विभाग के अधिकारी लगातार वहां के अधिकारियों के संपर्क में हैं और घायलों व मृतकों के संदर्भ में पल-पल का अपडेट लिया जा रहा है।”
राजनीतिक हलचल और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे के बाद कर्नाटक सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है:
- मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार: उन्होंने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती जांच के अनुसार हादसा ब्लास्टिंग से नहीं बल्कि चट्टान खिसकने से हुआ है। जल्द ही राज्यभर की खदानों के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए जाएंगे।
- मंत्री प्रियंक खड़गे: उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला बड़ी लापरवाही का लग रहा है। खान और गृह विभाग संयुक्त रूप से इसकी जांच कर रहे हैं, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- विपक्ष का हमला: केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि राज्य में माइनिंग लॉबी हावी है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है।

कर्ज के बोझ ने छीन लिया परिवार का इकलौता सहारा
इस हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। यादगीर के एक मृतक मजदूर के परिजनों ने रोते हुए बताया कि बेटियों की शादी के कारण हुए कर्ज को चुकाने के लिए वे बेंगलुरु मजदूरी करने आए थे। परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद अब उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। परिजनों ने सरकार से पुनर्वास और उचित मदद की गुहार लगाई है।




