drnewsindia.com / उज्जैन। नागपंचमी के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के दौरान करंट फैलने की अफवाह से श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान एक-दूसरे के ऊपर गिरने और बैरिकेडिंग टूटने से 13 लोग घायल हो गए।
🚨 कैसे बिगड़े हालात? क्रमवार समझें घटनाक्रम
- श्रद्धालुओं का भारी हुजूम: नागचंद्रेश्वर मंदिर के कपाट साल में केवल एक बार नागपंचमी पर खुलते हैं। दर्शन के लिए करीब 40 हजार लोग कतार में लगे थे, जबकि अब तक 5.50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
- बैरिकेडिंग पर बढ़ा दबाव: भीड़ का भारी दबाव बनने पर सुरक्षाकर्मी व्यवस्था संभालने में जुटे थे।
- अफवाह और बैरिकेडिंग का टूटना: इसी बीच करंट फैलने की अफवाह फैल गई, जिससे अफ़रातफ़री मच गई। अत्यधिक दबाव के चलते बैरिकेडिंग टूट गई और लोग नीचे गिर पड़े।
- धक्का-मुक्की से हादसा: पीछे से लगातार आ रहे धक्के के कारण लोग एक-दूसरे को रौंदते हुए आगे बढ़ने लगे, जिससे 13 श्रद्धालु घायल हो गए।
🏥 स्वास्थ्य अपडेट और प्रशासन का रुख
- इलाज व डिस्चार्ज: प्राथमिक उपचार के बाद 10 श्रद्धालुओं को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि 3 घायलों का उपचार उज्जैन जिला अस्पताल में जारी है।
- प्रशासनिक दावा: उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने भगदड़ की बात से इंकार करते हुए घटना को भ्रामक बताया और कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
- श्रद्धालुओं का आरोप: वहीं घायलों ने मंदिर समिति और प्रशासन पर भीड़ प्रबंधन में घोर लापरवाही तथा समय पर मदद न मिलने के आरोप लगाए हैं।

💬 पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया: “VIP दर्शन व्यवस्था हो बंद”
हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धार्मिक स्थलों में व्यवस्था सुधार की वकालत की:
“भगवान के दरबार में सभी भक्त एक समान होते हैं। धार्मिक स्थलों पर वीआईपी (VIP) एंट्री और विशेष दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए, ताकि आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत से कोई समझौता न हो।”




