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नई दिल्ली: देश में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। वॉट्सऐप को नोटिस भेजने के ठीक एक दिन बाद, गुरुवार को सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) को भी कड़ा नोटिस जारी किया है।
सरकार ने दोनों कंपनियों से सीधा सवाल किया है कि वे अपने ‘यूजरनेम’ फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराधों को रोकने के लिए क्या कदम उठा रही हैं।
🚨 टेलीग्राम से सरकार का तीखा सवाल- ‘क्यों न बैन हो यह फीचर?’
न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) के मुताबिक, सरकार ने टेलीग्राम से बेहद सख्त लहजे में पूछा है कि “उसे अपने प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर जारी रखने की इजाजत क्यों दी जानी चाहिए?”
- पहले से है यह फीचर: टेलीग्राम और सिग्नल पर यूजरनेम का फीचर पहले से ही चालू है, जिसके जरिए बिना मोबाइल नंबर शेयर किए भी लोग एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं।
- क्या है सरकार की चिंता: सरकार को आशंका है कि बिना नंबर दिखे सिर्फ यूजरनेम के दम पर अकाउंट बनने से ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी पहचान और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं तेजी से बढ़ सकती हैं। अपराधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

🚫 NEET पेपर लीक के बाद पहले भी लग चुका है टेलीग्राम पर बैन
यह पहली बार नहीं है जब टेलीग्राम सरकार के रडार पर आया है। पिछले महीने ही देश में हुए NEET पेपर लीक मामले, फर्जी प्रश्न पत्रों को फैलाने और धोखाधड़ी के मामलों पर सही समय पर सख्त कार्रवाई न करने के कारण सरकार ने टेलीग्राम और उसकी वेब सर्विसेज पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Ban) लगा दिया था।
💬 वॉट्सऐप को पहले ही मिल चुका है निर्देश: ‘अभी लागू न करें फीचर’
मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप ने 29 जून से दुनिया भर में यूजरनेम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत की है। हालांकि, यह फीचर अभी सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिल रहा है और इसे धीरे-धीरे रोलआउट किया जाना था।
लेकिन सरकार ने बुधवार को ही वॉट्सऐप को नोटिस जारी कर इस फीचर के मिसयूज और सुरक्षा खतरों पर जवाब मांगा है, साथ ही वॉट्सऐप को फिलहाल इस फीचर को भारत में लागू न करने का साफ निर्देश दिया है।

📌 यूजरनेम फीचर से क्या बदलेगा और क्यों बढ़ी सरकार की टेंशन?
| फीचर का असर | सरकार की चिंता (Cyber Threat) |
| प्राइवेसी: यूजर को अपना मोबाइल नंबर किसी को बताने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ यूजरनेम से चैट हो सकेगी। | ट्रैकिंग में मुश्किल: साइबर अपराधी बिना असली मोबाइल नंबर के फर्जी नामों से अकाउंट बनाकर लोगों को शिकार बना सकते हैं। |
| ग्लोबल रीच: कोई भी आपको आपके यूनिक यूजरनेम से सर्च कर सकेगा। | बढ़ेंगे क्राइम: डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी स्कैम और फिशिंग जैसी घटनाओं में अचानक तेजी आने का खतरा। |
साइबर ठगों से सावधान रहें! किसी भी अनजान यूजरनेम या प्रोफाइल से आए लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी निजी जानकारी साझा करें।




