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Tech News Today: देश की राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में ई-रिक्शा चालकों के लिए मुसीबत बने 3 मोबाइल एप्स पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। आईटी मंत्रालय (IT Ministry) ने सख्त कदम उठाते हुए इन एप्स को ‘एप स्टोर’ से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
चोरी-छिपे और शरारत के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इन एप्स के नाम BAT-BMS, लॉसिजी (Losigi) और इपोच ली-आयन (Epoch Li-ion) हैं। हालांकि, ये एप्स अभी भी प्ले स्टोर पर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जल्द ही इन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
🚨 चलते ई-रिक्शा को रिमोट की तरह रोक रहे थे लोग!
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हो रहे थे, जिनमें लोग दूर खड़े होकर अपने मोबाइल से चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक बंद कर दे रहे थे। इससे न सिर्फ ई-रिक्शा चालकों की कमाई प्रभावित हो रही थी, बल्कि सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया था।
क्यों बंद हो रहे थे ई-रिक्शा? दरअसल, कुछ ई-रिक्शा में लगी लीथियम बैटरियों का ब्लूटूथ मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) बिना पासवर्ड या बेहद कमजोर पासवर्ड (जैसे 0000 या 1234) के साथ आता है। शरारती तत्व 10 से 15 मीटर की दूरी से इन एप्स के जरिए बैटरी से कनेक्ट होकर उसका ‘पावर कट’ कर देते थे।
❓ 8 सवाल-जवाब में समझें पूरा खेल: क्या आपका ई-रिक्शा भी है खतरे में?
सवाल 1: सोशल मीडिया पर वायरल यह BAT-BMS एप आखिर क्या है?
जवाब: ‘BAT-BMS’ एक रीयल-टाइम बैटरी मैनेजमेंट टूल है, जिसे एक चीनी कंपनी ‘शेन्जेन ग्रेनर्जी टेक्नोलॉजी’ ने बनाया है। यह बैटरी का एक डिजिटल डैशबोर्ड है जो वोल्टेज, टेम्परेचर और बैटरी की हेल्थ दिखाता है।
सवाल 2: लोग इस एप से चलते ई-रिक्शा को कैसे रोक पा रहे हैं?
जवाब: ई-रिक्शा की बैटरी की निगरानी के लिए उसमें ब्लूटूथ फीचर्स होते हैं। बदमाश इसी ब्लूटूथ रेंज (10-15 मीटर) का फायदा उठाकर बिना पासवर्ड वाली बैटरियों में घुस जाते हैं और इसके ‘डिस्चार्ज ऑन/ऑफ’ फीचर से पावर सप्लाई बंद कर देते हैं।

सवाल 3: क्या देश के सभी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इससे बंद हो सकते हैं?
जवाब: जी नहीं, सभी वाहन खतरे में नहीं हैं। यह एप केवल उन्हीं वाहनों पर काम करता है जिनमें:
- ब्लूटूथ सपोर्ट करने वाली लीथियम-आयन बैटरी लगी हो।
- बैटरी का ब्लूटूथ कनेक्शन बिना पासवर्ड के ‘ओपन’ छूटा हो। (नोट: कारों और प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटरों में मजबूत सुरक्षा और एन्क्रिप्शन होता है, इसलिए उन्हें कोई सामान्य एप हैक नहीं कर सकता।)
सवाल 4: कौन से ई-रिक्शा इस गड़बड़ी से पूरी तरह सुरक्षित हैं?
जवाब: भारत में आज भी एक बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पुरानी लेड-एसिड (Lead-Acid) बैटरियों पर चलते हैं, जिनमें कोई ब्लूटूथ सिस्टम नहीं होता। वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके अलावा, जिन लीथियम बैटरियों में मजबूत पासवर्ड सेट है, उन्हें भी कोई हाथ नहीं लगा सकता।
सवाल 5: चीनी कंपनी ने यह एप क्यों बनाया था?
जवाब: कंपनी ने इसे ई-रिक्शा को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा उपकरणों (Solar Equipment) और नावों/जहाजों की लीथियम बैटरियों की देखरेख के लिए बनाया था। इमरजेंसी में पावर कट करने के लिए इसमें ऑफ का बटन दिया गया था, जिसका भारत में गलत इस्तेमाल होने लगा।
सवाल 6: लोग ई-रिक्शा के साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं?
जवाब: कुछ लोगों का मानना है कि ई-रिक्शा की धीमी रफ्तार के कारण सड़कों पर ट्रैफिक जाम होता है, इसलिए वे गुस्से में ऐसा करते हैं। वहीं, कुछ लोग महज सोशल मीडिया पर ‘रील्स’ बनाने और मज़ाक (मसखरी) करने के लिए चालकों को परेशान कर रहे हैं।

सवाल 7: इस सुरक्षा चूक के लिए असली जिम्मेदार कौन है?
जवाब: इसके लिए स्थानीय स्तर पर बैटरी असेंबल करने वाले, डीलर्स और सस्ते पार्ट्स बेचने वाले मेकर्स जिम्मेदार हैं। उन्होंने मुनाफे के चक्कर में ब्लूटूथ सेटिंग्स को बिना किसी पासवर्ड के खुला छोड़ दिया। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ देना।
सवाल 8: इस बड़ी समस्या का परमानेंट इलाज क्या है?
जवाब: इसका एकमात्र उपाय यह है कि निर्माता और डीलर्स हर बैटरी में एक यूनिक और मजबूत पासवर्ड सेट करके दें। जिन ड्राइवरों के पास बिना पासवर्ड वाली पुरानी बैटरियां हैं, वे तुरंत अपने डीलर के पास जाकर बीएमएस (BMS) सेटिंग्स में पासवर्ड लॉक लगवाएं।

💡 ई-रिक्शा चालकों के लिए लाइफ-सेविंग टिप्स (जरूर अपनाएं)
- 🔐 पासवर्ड तुरंत चेक करें: अपने नजदीकी बैटरी मैकेनिक या डीलर के पास जाएं और देखें कि आपकी लीथियम बैटरी का ब्लूटूथ बिना पासवर्ड के तो नहीं चल रहा?
- 🔄 डिफॉल्ट पासवर्ड बदलें: अगर आपकी बैटरी का पासवर्ड
1234या0000है, तो उसे तुरंत बदलवाकर कोई नया और कठिन पासवर्ड सेट करें। - ⚡ अचानक रिक्शा बंद होने पर क्या करें? अगर ट्रैफिक के बीच आपका रिक्शा अचानक बंद हो जाए, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले इंडिकेटर चालू करें, रिक्शा को सुरक्षित किनारे लगाएं और बैटरी के मुख्य स्विच (MCB) को एक बार ऑफ करके दोबारा ऑन (Reset) कर लें।
स्रोत: आईटी मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश और तकनीकी समीक्षा रिपोर्ट।




