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Indore Education News: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) इंदौर द्वारा संचालित देश के सबसे प्रतिष्ठित 5-वर्षीय ‘इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट’ (IPM) की अंतिम चयन सूची घोषित हो गई है। इस बार देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माने जाने वाले आईपीमैट (IPMAT) में इंदौर के होनहारों ने ऐतिहासिक सफलता हासिल कर शहर का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
इस वर्ष देश भर से करीब 28 हजार छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से कड़ी प्रतिस्पर्धा को पार करते हुए इंदौर के 6 विद्यार्थियों ने फाइनल लिस्ट में अपनी जगह पक्की की है। इसमें आरव माले ने पूरे भारत में दूसरा स्थान (AIR-2) पाकर नया रिकॉर्ड बनाया है।
📌 इंदौर के टॉप रैंकर्स और उनके आंकड़े (Key Highlights)
- कुल परीक्षार्थी: ~28,000
- इंटरव्यू के लिए चुने गए: ~830
- अंतिम रूप से चयनित: सिर्फ 150 छात्र
- इंदौर के चमकते सितारे:
- आरव माले — ऑल इंडिया रैंक (AIR)- 2
- अथर्व हार्डिया — ऑल इंडिया रैंक (AIR)- 8
- अकमल बंगलोवाला — ऑल इंडिया रैंक (AIR)- 33
- देवांश अग्रवाल — ऑल इंडिया रैंक (AIR)- 42
- दिव्य लुणावत — ऑल इंडिया रैंक (AIR)- 51(इनके अलावा शहर से एक और छात्र सहित कुल 6 का चयन हुआ है।)

🏆 सफलता के सूत्र: टॉपर्स की जुबानी, कैसे क्रैक किया IPMAT?
आरव माले (AIR-2): 40 से ज्यादा मॉक टेस्ट और दृढ़ संकल्प
आरव ने 11वीं कक्षा से ही इस सफर की शुरुआत कर दी थी। बोर्ड परीक्षाओं के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई के घंटे बढ़ा दिए। उन्होंने तैयारी के दौरान 40 से अधिक मॉक टेस्ट दिए। इंटरव्यू के अपने अनुभव को साझा करते हुए आरव ने बताया कि उनसे बिजनेस स्टडीज और मैथमेटिक्स से जुड़े गहरे सवाल पूछे गए थे, जिनका उन्होंने तार्किक जवाब दिया।
अथर्व हार्डिया (AIR-8) व अकमल बंगलोवाला (AIR-33): खुद पर भरोसा और निरंतरता
अथर्व ने बोर्ड परीक्षा और आईपीमैट दोनों की तैयारी में बेहतरीन संतुलन बनाया। इंटरव्यू के डर को दूर करने के लिए उन्होंने कई मॉक इंटरव्यू दिए। वहीं पिछले 2 साल से तैयारी कर रहे अकमल का सपना भविष्य में खुद का एक बड़ा बिजनेस एंपायर खड़ा करना है।

देवांश अग्रवाल (AIR-42) व दिव्य लुणावत (AIR-51): करंट अफेयर्स और कॉन्सेप्ट्स पर पकड़
देवांश भविष्य में ‘फाइनेंशियल कंसल्टिंग’ (वित्तीय परामर्श) के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने अपने बेसिक्स मजबूत करने पर ध्यान दिया। वहीं दिव्य लुणावत ने बताया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ देश-दुनिया की खबरों से जुड़े रहने के लिए रोज़ाना अखबार पढ़ते थे, जिसने उन्हें इंटरव्यू के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सवालों में बहुत मदद की।
📊 ट्रेंड में बदलाव: अब कॉमर्स ही नहीं, साइंस के छात्रों की भी पहली पसंद बना IPM
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? आईपीमैट एक्सपर्ट अजय बंसल और मन गोयल के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इस परीक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां इसमें ज्यादातर कॉमर्स बैकग्राउंड के छात्र बैठते थे, वहीं अब जेईई (JEE) और अन्य साइंस/इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी इसे एक बेहतरीन करियर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
सफलता का गुरुमंत्र: एक्सपर्ट्स का मानना है कि जो छात्र 11वीं से ही अपनी तैयारी की शुरुआत कर देते हैं, नियमित रूप से मॉक टेस्ट को एनालाइज करते हैं और रिटेन एग्जाम के साथ-साथ अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स (इंटरव्यू) पर ध्यान देते हैं, उनके चयन की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
स्रोत: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) इंदौर द्वारा जारी आधिकारिक अंतिम चयन सूची एवं छात्र साक्षात्कार रिपोर्ट।




