सीहोर में आशा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा: मानदेय न मिलने पर भोपाल-इंदौर पुराने मार्ग पर चक्काजाम; कलेक्टोरेट के सामने सड़क पर बैठीं

0
2

drnewsindia.com

Sehore Protest News (06 July 2026): सीहोर जिला मुख्यालय पर सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। अपनी लंबे समय से लंबित मांगों और अटके हुए मानदेय (Salary) को लेकर बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भोपाल-इंदौर पुराने मार्ग पर कलेक्टोरेट के ठीक सामने जोरदार चक्काजाम कर दिया।

इस अचानक हुए प्रदर्शन के कारण वीआईपी रूट का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और कलेक्टोरेट मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।

📌 आशा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • 📍 प्रदर्शन स्थल: पुराना भोपाल-इंदौर मार्ग, कलेक्टोरेट एवं वेदांता हार्ट केयर हॉस्पिटल के सामने (सीहोर)।
  • 🟪 अनोखा दृश्य: विरोध स्वरूप सामूहिक रूप से बैंगनी रंग की साड़ी पहनकर बीच सड़क पर बैठीं सैकड़ों कार्यकर्ता।
  • 📢 मुख्य आरोप: 24 घंटे काम लेने के बावजूद समय पर मानदेय नहीं देना और समस्याओं की अनदेखी।
  • 👮 सुरक्षा व्यवस्था: कानून-व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल रहा तैनात।

💬 “24 घंटे काम, फिर भी मानदेय के लिए तरस रहे” — रानी राठौर

चक्काजाम का नेतृत्व कर रही आशा कार्यकर्ता रानी राठौर ने मीडिया के सामने अपनी व्यथा साझा करते हुए प्रशासन और विभाग पर गंभीर आरोप लगाए।

आंदोलनकारी कार्यकर्ता का बयान: “हमारा हक का मानदेय अभी तक हमें नहीं मिला है, जिससे सभी आशा कार्यकर्ताओं के सामने घर चलाना मुश्किल हो रहा है और मानसिक रूप से सब परेशान हैं। हमसे स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर दिन-रात 24-24 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन जब हमारे हक और मूलभूत समस्याओं की बात आती है, तो प्रशासन और सरकार पूरी तरह आंखें मूंद लेते हैं। हमारी इस अनदेखी के खिलाफ ही हमें सड़क पर उतरना पड़ा है।”

🛑 वेदांता अस्पताल के सामने थमे वाहनों के पहिये, पुलिस ने की समझाइश

आंदोलन के दौरान कलेक्टोरेट मार्ग और वेदांता हार्ट केयर हॉस्पिटल के सामने का पूरा नजारा पूरी तरह बदल गया। सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकर्ता अपनी पहचान यानी पारंपरिक बैंगनी रंग की साड़ी पहनकर बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रशासन विरोधी नारे लगाए।

  • यातायात हुआ प्रभावित: मुख्य मार्ग होने के कारण एम्बुलेंस और आम राहगीरों को निकलने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
  • पुलिस की मुस्तैदी: हालात को देखते हुए सीहोर पुलिस का अमला तत्काल मौके पर तैनात हो गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने-बुझाने और आश्वासन देकर यातायात को दोबारा सुचारू कराने का लगातार प्रयास किया।

⚠️ मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी जंग

प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यह चक्काजाम तो सिर्फ एक शुरुआत है। जब तक उनकी सभी लंबित मांगें पूरी नहीं की जातीं और हर महीने समय पर मानदेय मिलने की कोई ठोस और स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।

स्रोत: आशा कार्यकर्ता संघ एवं जिला ब्यूरो, मुख्यालय सीहोर (मध्य प्रदेश)।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here