drnewsindia.com
Business & Market Desk (10 July 2026): सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार (10 जुलाई) को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। जहां एक ओर चांदी की कीमतों में ₹3,400 से ज्यादा की बड़ी कमी आई है, वहीं 24 कैरेट सोना भी ₹288 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ है।
दूसरी ओर, सरकार ने सोने-चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) को लेकर एक बड़ा फैसला किया है, जिसका असर आने वाले दिनों में कीमतों पर दिख सकता है।
📌 आज के सराफा बाजार की मुख्य बातें (Key Highlights)
- 🪙 चांदी में बड़ी गिरावट: 1 किलो चांदी का दाम ₹3,404 घटकर ₹2,20,390 पर आ गया है।
- 🟡 सोना भी टूटा: 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम ₹288 गिरकर ₹1,43,368 पर बंद हुआ।
- ✈️ इंपोर्ट ड्यूटी में भारी इजाफा: केंद्र सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है।
- 📉 रिकॉर्ड स्तर से सुधार: 29 जनवरी को बने अपने ऑल टाइम हाई (All-Time High) के मुकाबले चांदी अब तक ₹1.66 लाख सस्ती हो चुकी है।

📊 इस महीने कैसा रहा सोने-चांदी का मिजाज?
जुलाई महीने की शुरुआत से लेकर अब तक दोनों कीमती धातुओं की चाल विपरीत दिशा में रही है:
| धातु (Metal) | 1 जुलाई 2026 का भाव | 10 जुलाई 2026 का भाव | इस महीने का शुद्ध बदलाव |
| 🟡 सोना (प्रति 10 ग्राम) | ₹1.42 लाख | ₹1,43,368 | 📈 ₹1,736 महंगा हुआ |
| 🪙 चांदी (प्रति 1 किलो) | ₹2.25 लाख | ₹2,20,390 | 📉 ₹5,040 सस्ती हुई |
ऑल टाइम हाई से तुलना: 29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर थे। तब से अब तक सोना ₹32,753 और चांदी ₹1.66 लाख सस्ती हो चुकी है।
🌍 बड़ा फैसला: सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी अब 15% हुई
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। सरकार ने विदेशी खरीद को नियंत्रित करने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) पर पड़ रहे दबाव को कम करने के लिए सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया है।
इसके तहत अब सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लागू होगा। इससे पहले 2024 के बजट में इसे घटाकर 6% किया गया था।

🗺️ अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं सोने के दाम? (4 मुख्य कारण)
अक्सर ग्राहकों के मन में सवाल होता है कि दिल्ली, मुंबई या चेन्नई में सोने के भाव अलग क्यों होते हैं? इसकी 4 बड़ी वजहें ये हैं:
- 🚚 ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक हब से दूसरे शहर तक सोना सुरक्षित पहुंचाने में लगने वाला फ्यूल और सिक्योरिटी कॉस्ट दूरी के हिसाब से जुड़ता है।
- 🛍️ खरीदारी का वॉल्यूम: दक्षिण भारत में देश की कुल खपत का करीब 40% हिस्सा है। वहां के ज्वेलर्स बल्क में बड़ी खरीद करते हैं, जिससे उन्हें मिलने वाले डिस्काउंट का असर रेट पर दिखता है।
- 🏢 लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर का स्थानीय एसोसिएशन वहां की दैनिक मांग और सप्लाई को देखते हुए रोज सुबह एक बेस रेट तय करता है।
- 📦 पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स के पास पुराना स्टॉक किस रेट पर खरीदा हुआ रखा है, यह भी उनके सेलिंग प्राइस को तय करने में भूमिका निभाता है।
💡 ज्वेलरी खरीदते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- 🏷️ HUID कोड जांचें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड सोना ही खरीदें, जिसमें AZ4524 जैसा 6-डिजिट का अल्फान्यूमेरिक कोड दर्ज हो।
- 🧪 चांदी की शुद्धता के 4 टेस्ट:
- मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती।
- आइस टेस्ट: असली चांदी पर रखने से बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है।
- स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती, नकली से तांबे जैसी महक आती है।
- क्लॉथ टेस्ट: सफेद सूती कपड़े से रगड़ने पर असली चांदी काला निशान छोड़ती है।
स्रोत: इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) एवं वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना, 10 जुलाई 2026।




