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Sehore Devotion Desk (10 July 2026): श्रावण मास के पावन महीने के आगमन से पहले ही सीहोर का कुबेरेश्वर धाम पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगने लगा है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम में इस वर्ष आयोजित होने वाली ऐतिहासिक 11 किलोमीटर लंबी भव्य कांवड़ यात्रा की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आगामी दिनों में अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, विठलेश सेवा समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों की एक महाबैठक आयोजित होने जा रही है। इस वर्ष सावन के दौरान कुबेरेश्वर धाम में एक महीने का भव्य कांवड़ मेला भी सजेगा।
📌 महाकुंभ कांवड़ यात्रा की मुख्य बातें (Key Highlights)
- 🌊 यात्रा का शुभारंभ: आगामी 30 जुलाई से सीहोर शहर की पवित्र सीवन नदी के तट से कांवड़ यात्रा का शंखनाद होगा।
- 🚶♂️ 11 KM का सफर: हजारों श्रद्धालु पैदल कांवड़ लेकर सीवन तट से कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे और महादेव का जलाभिषेक करेंगे।
- 🗓️ सोमवार विशेष कांवड़: सावन के हर सोमवार को अलग-अलग संगठनों और संतों के सानिध्य में भव्य यात्राएं निकलेंगी।
- 🍬 3 क्विंटल बर्फी का भोग: मंदिर परिसर में शुक्रवार को ही 30 हजार से अधिक भक्तों की मौजूदगी में 3 क्विंटल मावे की बर्फी का महाभोग लगाया गया।

🎙️ “सच्चे मन से किया भरोसा महादेव कभी नहीं तोड़ते”— पंडित प्रदीप मिश्रा
इन दिनों देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन शिव महापुराण कथा का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों (यूट्यूब, टीवी, फेसबुक) पर कथा के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भक्तों को भगवान शिव पर अटूट आस्था रखने का दिव्य संदेश दिया:
“संसार के लोगों पर किया गया विश्वास समय आने पर कभी भी टूट सकता है और आपको ठेस पहुंचा सकता है, लेकिन देवाधिदेव महादेव पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता। जो मनुष्य जीवन के उतार-चढ़ाव में सच्चे मन से महादेव की शरण में रहता है, भोलेनाथ हर विषम परिस्थिति में उसका हाथ थामते हैं और उसे धैर्य व आत्मबल प्रदान कर उसका कल्याण करते हैं। अपने घरों में रहकर भी पूर्ण भाव से कथा श्रवण करने पर उतना ही आध्यात्मिक लाभ मिलता है।”
📅 श्रावण मास की विशेष कांवड़ यात्राओं का पूरा शेड्यूल
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि इस वर्ष सावन में हर हफ्ते आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। तारीखों के अनुसार मुख्य आयोजन इस प्रकार हैं:
| तारीख (Date) | कांवड़ यात्रा का स्वरूप / नेतृत्व |
| 🗓️ 30 जुलाई 2026 | 🚩 मुख्य कांवड़ यात्रा का शुभारंभ (सीवन नदी तट, सीहोर से कुबेरेश्वर धाम)। |
| 🗓️ 03 अगस्त 2026 | 🏛️ प्रथम सोमवार: विठलेश सेवा समिति द्वारा विशेष कांवड़ यात्रा का आयोजन। |
| 🗓️ 10 अगस्त 2026 | 📱 द्वितीय सोमवार: ‘मध्य प्रदेश इन्फ्लुएंसर्स ग्रुप’ द्वारा भव्य डिजिटल-यूथ कांवड़ यात्रा। |
| 🗓️ 17 अगस्त 2026 | 🌸 तृतीय सोमवार: सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा के पावन सानिध्य में यात्रा। |
| 🗓️ 25 अगस्त 2026 | 🚀 चतुर्थ सोमवार: कुबेरेश्वर धाम की महा-भव्य समापन कांवड़ यात्रा और महाआरती। |

🍽️ 30 हजार भक्तों ने चखा प्रसाद; रूट, पार्किंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कुबेरेश्वर धाम में वर्तमान में भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को ही धाम पर 30 हजार से ज्यादा भक्तों का जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की गई, जिसमें 3 क्विंटल मावे की बर्फी का विशेष भोग लगाया गया।
समिति द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं:
कांवड़ यात्रियों के 11 किलोमीटर के पूरे मार्ग में शुद्ध पेयजल, अस्थाई विश्राम पंडाल, मेडिकल कैंप (चिकित्सा सहायता), सुरक्षा व्यवस्था और प्रसादी वितरण के विशेष काउंटर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, हाईवे पर यातायात का दबाव न बढ़े, इसके लिए प्रशासन के सहयोग से पार्किंग और रूट डायवर्जन प्लान पर विशेष काम किया जा रहा है। पूरे कुबेरेश्वर धाम परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी और फूलों से सजाया जाएगा।
स्रोतः विठलेश सेवा समिति मीडिया प्रकोष्ट, कुबेरेश्वर धाम (सीहोर, मध्य प्रदेश) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट।




