भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचकर विरोध जताया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नीट पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या और दिल्ली की घटनाओं पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया।

इसके विरोध में कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने भाजपा पर छात्रों के मुद्दे की अनदेखी करने और कथित तौर पर छात्रों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा से माफी की मांग भी की।
जवाब में मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सदन के बाहर की घटनाओं पर विधानसभा के भीतर चर्चा नहीं की जा सकती। वहीं मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि भाजपा के किसी भी नेता ने छात्रों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है।
हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।





