गुरु पूर्णिमा पर कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रदीप मिश्रा बोले- गुरु बाजार में मिलने वाली चीज नहीं

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सीहोर। कुबेरेश्वरधाम में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव और शिव महापुराण कथा के अंतिम चरण में मंगलवार को लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देश-विदेश से पहुंचे भक्तों ने कथा श्रवण कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। बुधवार को गुरु पूर्णिमा एवं गुरु दीक्षा महोत्सव के चलते श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी, पेयजल, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है।

गुरु विश्वास की मूर्ति है: प्रदीप मिश्रा

अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के दौरान कहा कि “गुरु बाजार में मिलने वाली वस्तु नहीं, बल्कि विश्वास और भरोसे की मूर्ति होता है।” उन्होंने कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध केवल आस्था पर आधारित होता है। जो व्यक्ति अपने शिष्य को भगवान शिव और परमात्मा से जोड़ दे, वही सच्चा गुरु कहलाने योग्य है।

उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

विरोध हो, लेकिन मर्यादा के साथ

शिव महापुराण कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार बताते हुए कहा कि विरोध हमेशा मर्यादित भाषा और गरिमा के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग उचित नहीं है और असहमति भी सभ्य तरीके से व्यक्त की जानी चाहिए।

धन से बड़ा है पुण्य

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में धन कमाना जरूरी है, लेकिन उससे अधिक महत्वपूर्ण पुण्य कमाना है। अपने संसाधनों का एक हिस्सा सेवा, परोपकार और धार्मिक कार्यों में लगाने से जीवन सार्थक बनता है।

शिव पंचायत का बताया महत्व

कथा में भगवान शिव, माता दुर्गा, भगवान विष्णु, श्रीगणेश और भगवान सूर्य की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनका स्मरण जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

भक्ति की कोई उम्र नहीं

पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान की भक्ति के लिए किसी विशेष आयु की आवश्यकता नहीं होती। ध्रुव, प्रह्लाद, मीराबाई, तुकाराम, नामदेव और रामकृष्ण परमहंस जैसे भक्तों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धा ही मनुष्य को ईश्वर के निकट पहुंचाती है।

सेवा का केंद्र बना कुबेरेश्वरधाम

कुबेरेश्वरधाम इन दिनों सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण बना हुआ है। देश-विदेश से आए डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, विद्यार्थी और अन्य स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। कोई भोजन परोस रहा है, कोई जूठे बर्तन साफ कर रहा है तो कोई परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में योगदान दे रहा है।

‘उतना लो थाली में’ अभियान

भोजन प्रसादी स्थल पर अन्न की बर्बादी रोकने के लिए “उतना लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में” अभियान चलाया जा रहा है। सेवादार श्रद्धालुओं से जरूरत के अनुसार ही भोजन लेने और अन्न का सम्मान करने की अपील कर रहे हैं।

लंदन से आया युवक कर रहा सेवा

लंदन से आए शिव कुमार ने बताया कि महादेव के दरबार में सभी समान हैं। वे श्रद्धालुओं के जूठे बर्तन उठाने सहित विभिन्न सेवा कार्यों में लगे हैं। उन्होंने आगामी 25 अगस्त को होने वाली कांवड़ यात्रा में नि:शुल्क भोजन प्रसादी वितरण का संकल्प भी लिया।

कांवड़ यात्रा में दिखावे से बचने की अपील

सावन माह के अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि कांवड़ यात्रा में दिखावे के बजाय श्रद्धा और भाव सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए भारी कांवड़ नहीं, बल्कि सच्चे मन से अर्पित किया गया जल ही पर्याप्त है।

आज सुबह होगा शिव महापुराण का समापन

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने बताया कि शिव महापुराण कथा का समापन आज सुबह 8 बजे से 11 बजे तक होगा। गुरु पूर्णिमा एवं गुरु दीक्षा महोत्सव को लेकर कुबेरेश्वरधाम में उत्साह चरम पर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, पेयजल और भोजन प्रसादी की व्यवस्थाएं जिला प्रशासन एवं समिति द्वारा लगातार संचालित की जा रही हैं।

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