झाबुआ: जनजातीय परिवार के आंगन में जमीन पर बैठे CM डॉ. मोहन यादव, पत्तल में खाया ‘उड़द दाल-पानिया’; बहनों से बंधवाई राखी

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drnewsindia.com / एमपी न्यूज़ डेस्क | झाबुआ (थांदला) अपडेट्स

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही जनजातीय समुदाय के श्री बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर एक आम नागरिक की तरह समय बिताया।

🍃 गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिट्टी और गारे से बने सादे जनजातीय घर के आंगन में गोदड़ी पर बैठकर पारंपरिक पत्तल में भोजन ग्रहण किया:

  • पारंपरिक व्यंजन: परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार जनजातीय व्यंजन परोसे। CM ने विशेष रूप से ‘उड़द की दाल-पानिया’ का स्वाद लिया और भोजन की खुलकर सराहना की।
  • दिग्गज नेता रहे साथ: भोजन के दौरान प्रभारी मंत्री विजय शाह, मंत्री निर्मला भूरिया और सांसद अनिता नागर सिंह चौहान भी CM के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करते नजर आए।

🎀 बहनों ने बांधी राखी, लाड़ली बेटियों को मिला स्नेह

सावन मास और रक्षाबंधन पर्व से पूर्व जनजातीय समाज की बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की।

CM का संदेश: “प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हर परिवार की खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मुख्यमंत्री ने परिवार की लाड़ली बहनों, लाड़ली लक्ष्मी बेटियों और बच्चों से आत्मीय बातचीत की तथा नन्हे बालक शिवांश को गोद में लेकर स्नेह-दुलार दिया।

🏠 पक्का मकान मिलने के बाद भी पुरानी यादों से जुड़ाव

बातचीत के दौरान गृहस्वामी बसंत सिंह बामनिया ने एक भावुक बात साझा की:

  • PM आवास योजना का लाभ: परिवार को पीएम आवास योजना के तहत सभी सुविधाओं से युक्त पक्का मकान मिल चुका है।
  • मिट्टी के घर से लगाव: परिवार आज भी अपने पुराने मिट्टी-गारे के घर में समय बिताता है। उनका कहना है कि यह घर बुजुर्गों की स्मृतियों, परंपराओं और प्राकृतिक सुकून का प्रतीक है।
  • संबल योजना: बसंत सिंह मध्यप्रदेश शासन की ‘संबल योजना’ के भी हितग्राही हैं।

🗣️ “जनजातीय संस्कृति प्रदेश की अमूल्य धरोहर”

भोजन के बाद मुख्यमंत्री ने परिवार से शिक्षा, आजीविका और सरकारी योजनाओं के लाभ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं और सरकार इनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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