NEET PG 2026: पेपर लीक से सबक, अब एक शिफ्ट में होगी परीक्षा; घर के पास मिलेगा सेंटर, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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30 अगस्त को होगी परीक्षा, 2.73 लाख अभ्यर्थियों ने कराया रजिस्ट्रेशन; आधार सत्यापन, आईरिस स्कैन और 60 हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मी रहेंगे तैनात

नई दिल्ली। पिछले वर्ष पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट-पीजी 2026 परीक्षा में बड़े बदलाव किए हैं। परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने और धांधली रोकने के लिए इस बार कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा अब पूरे देश में एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को अपने घर के नजदीक परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा भी मिलेगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, उम्मीदवार अपने राज्य को प्राथमिकता देते हुए नजदीकी तीन राज्यों तक परीक्षा केंद्र का विकल्प चुन सकेंगे। केंद्रों का आवंटन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन सिस्टम से होगा और परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले इसकी जानकारी जारी कर दी जाएगी। इस वर्ष परीक्षा के लिए 2.73 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

180 प्रश्न, 210 मिनट और सेक्शन आधारित परीक्षा

नीट-पीजी 2026 में कुल 180 प्रश्न होंगे, जिनके लिए 210 मिनट (3 घंटे 30 मिनट) का समय मिलेगा। प्रश्नपत्र को तीन सेक्शन (ए, बी और सी) में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्शन निर्धारित समय में ही हल करना होगा। समय समाप्त होने या सेक्शन सबमिट करने के बाद अभ्यर्थी दोबारा उस सेक्शन में नहीं लौट सकेंगे।

आधार, बायोमीट्रिक और आईरिस स्कैन से होगी पहचान

परीक्षा के दौरान आधार आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य रहेगा। अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक जांच की जाएगी और फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने पर आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के जरिए पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से 2 से 3 घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा।

60 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मी रहेंगे तैनात

परीक्षा की सुरक्षा के लिए देशभर में 60 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, सिग्नल जैमर, लाइव मॉनिटरिंग और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की व्यवस्था रहेगी। यदि किसी केंद्र पर तकनीकी खराबी या सर्वर संबंधी समस्या आती है तो तत्काल बैकअप सिस्टम सक्रिय किया जाएगा।

नेगेटिव मार्किंग का रहेगा नियम

प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक दिए जाएंगे, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती होगी। बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्नों पर कोई अंक नहीं मिलेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अभ्यर्थियों से पेपर लीक जैसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र बहु-स्तरीय एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रखा जाता है और परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय पर ही इसे डिजिटल रूप से डिक्रिप्ट किया जाता है। मंत्रालय का दावा है कि नई व्यवस्थाओं से परीक्षा अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष होगी।

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