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उज्जैन। सावन माह में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ रही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच उज्जैन पुलिस ने महाकाल मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया है। इसके तहत मंदिर क्षेत्र में होटल, लॉज, धर्मशाला संचालकों, फूल-प्रसाद विक्रेताओं, तिलक लगाने वालों और अन्य व्यापारियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है।
आई-ऐप से हो रहा डिजिटल वेरिफिकेशन
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के अनुसार, पुलिस आई-ऐप के माध्यम से संबंधित लोगों का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, फोटो, नाम, पता और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर रही है। अब तक महाकाल क्षेत्र में करीब 300 से 350 लोगों का डेटा ऐप में दर्ज किया जा चुका है। यह अभियान पिछले एक महीने से लगातार चल रहा है।

आपराधिक रिकॉर्ड की भी होगी जांच
पुलिस सिर्फ पहचान संबंधी जानकारी ही नहीं जुटा रही, बल्कि सभी संबंधित लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज पाए जाते हैं या उसकी गतिविधियां संदिग्ध मिलती हैं, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों को महाकाल मंदिर क्षेत्र से हटाया भी जा सकता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
पुलिस का कहना है कि महाकाल मंदिर क्षेत्र में पहले फूल-प्रसाद विक्रेताओं के बीच विवाद और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा की पहल पर तैयार किए गए इस डिजिटल सिस्टम के जरिए मंदिर क्षेत्र में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी सुरक्षित रखी जा रही है।
पहले सोमवार को उमड़ी रिकॉर्ड भीड़
सावन के पहले सोमवार पर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। तड़के भस्म आरती के साथ दर्शन शुरू हुए और दोपहर तक 1.10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके थे। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मंदिर परिसर तथा आसपास के पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है।





