drnewsindia.com / भोपाल | 5 दिवसीय बैंकिंग (5-Day Work Week) व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर बुधवार शाम भोपाल में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ‘यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस’ (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर अरेरा हिल्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जोनल ऑफिस के बाहर बड़ी संख्या में बैंककर्मी इकट्ठा हुए और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में बैंक कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार जल्द ही उनकी मांगों को मंजूर नहीं करती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

2015 से 2024 तक: क्या है ‘5-डे वीक’ विवाद का पूरा घटनाक्रम?
बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए मांग का ऐतिहासिक घटनाक्रम और सरकार की टालमटोल नीति को सामने रखा:
- 2015 का समझौता: पहले बैंक हर शनिवार को आधे दिन खुलते थे। 2015 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और सरकार के बीच सहमति बनी, जिसके तहत दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी दी गई, जबकि बाकी शनिवारों को फुल-वर्किंग डे बनाया गया।
- मार्च 2024 का नया समझौता: वेतन संशोधन के दौरान IBA और यूनियंस के बीच तय हुआ कि ग्राहकों की सुविधा के लिए सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कार्यसमयावधि में प्रतिदिन 40 मिनट की बढ़ोतरी की जाएगी और इसके बदले सभी शनिवारों को अवकाश रहेगा।
- मंत्रालय में अटका प्रस्ताव: IBA द्वारा यह प्रस्ताव विधिवत स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा गया, लेकिन पिछले दो सालों से अधिक समय से यह फाइल केंद्र सरकार के पास लंबित है।
संघर्ष का इतिहास:
मार्च 2024 के समझौते को लागू कराने के लिए UFBU पहले भी हड़ताल का रुख अपना चुका है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

“काम का बोझ बढ़ा, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलीं”
सभा को संबोधित करते हुए यूएफबीयू के स्थानीय पदाधिकारियों संजीव मिश्रा, वीके शर्मा, दिनेश झा, प्रवीण मेघानी, दीपक रत्न शर्मा, निर्भय सिंह ठाकुर, संजय कुदेशिया, वीएस नेगी, देवेंद्र खरे और मनीष भार्गव ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग बढ़ने के बावजूद बैंककर्मियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सरकार से समझौते के वादे को तुरंत लागू करने की मांग की गई है।
मुख्य मांगें व मुख्य बिंदु:
- 5-डे वर्किंग लागू हो: सप्ताह में केवल 5 दिन बैंकिंग कार्य दिवस घोषित किया जाए।
- समय में समायोजन: ग्राहकों के कुल कामकाजी घंटों में कोई कमी नहीं आएगी, जिसे रोज 40 मिनट अतिरिक्त काम करके पूरा किया जाएगा।
- सरकार को अल्टीमेटम: मांग पूरी न होने पर बैंकिंग सेवाएं पूरे देश में ठप करने (अनिश्चितकालीन हड़ताल) की चेतावनी।




