drnewsindia.com / अशोकनगर | जिले के महोली गांव के चौराहे से वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा हटाए जाने के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। घटना के विरोध में अखिल भारतीय लोधा-लोधी महासभा और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया है, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
180 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े 10 युवक, शाम को उतरे
बुधवार सुबह करीब 10 बजे प्रदर्शनकारियों ने प्रतिमा स्थल पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। दोपहर ढाई बजे तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज 10 आंदोलनकारी गांव में स्थित 180 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए।
प्रशासनिक हलचल:
- टावर पर चढ़े युवकों का कहना था कि जब तक प्रतिमा पुनः स्थापित नहीं होती, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
- सूचना मिलते ही अपर कलेक्टर डीएन सिंह, एसडीएम मनीष धनगर और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
- अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद देर शाम करीब 6 बजे सभी 10 युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतरे, जिसके बाद आंदोलनकारी सड़क पर बैठकर जाम लगाने लगे।

चंदेरी विधायक की घोषणा: 5 लाख रुपए और सीएम-सिंधिया को पत्र
घटना की जानकारी मिलते ही चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
विधायक का आश्वासन:
“रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा को प्रशासन के सहयोग से उसी स्थान पर सम्मानपूर्वक दोबारा स्थापित कराया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा गया है। प्रतिमा निर्माण एवं स्थापना के लिए विधायक निधि से 5 लाख रुपए दिए जाएंगे।”

क्या है विवाद की मुख्य वजह?
- 10 अगस्त की रात: महोली गांव के चौराहे पर वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापित की गई थी।
- 11 अगस्त की सुबह: प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिमा बिना पूर्व अनुमति के अज्ञात लोगों द्वारा रखी गई थी।
- कार्रवाई: तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद पुलिस व प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर अनुमति न होने का हवाला देते हुए प्रतिमा को वहां से हटवा दिया।
- वर्तमान मांग: लोधा-लोधी महासभा और स्थानीय समाज के लोग उसी स्थान पर वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रतिमा दोबारा स्थापित करने पर अड़े हुए हैं।




