25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा: सीवन तट से कुबेरेश्वरधाम तक गूंजेंगे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे

0
2

drnewsindia.com / सीहोर। सावन मास के अंतिम चरण में सीहोर की पवित्र सीवन नदी के तट से प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम तक आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु कांवड़ में जल भरकर 11 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हुए भगवान शिव का जलाभिषेक करने कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में आगामी 25 अगस्त को प्रदोष के पावन अवसर पर सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक विशाल एवं भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी।

🚩 पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में सुबह 9 बजे से होगी शुरुआत

विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित (मामा) ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 25 अगस्त को सुबह 9 बजे अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य और मार्गदर्शन में कांवड़ यात्रा का शुभारंभ होगा।

  • यात्रा मार्ग: सीवन नदी तट से प्रारंभ होकर यह यात्रा लगभग 11 किलोमीटर का सफर तय कर कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी।
  • भक्तिमय माहौल: सीवन तट पर सावन के चलते पूजा-अर्चना, कांवड़ और धार्मिक सामग्रियों की दुकानें सज गई हैं और श्रद्धालुओं की संख्या में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है।

🍵 मार्ग में लगेंगे 100 से अधिक सेवा स्टॉल

कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए विठलेश सेवा समिति और जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं:

  • खान-पान व फलाहार: सीवन तट से लेकर धाम तक रास्ते में 100 से ज्यादा सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां पेयजल, चाय-नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और महाप्रसादी का वितरण होगा।
  • नागरिक व चिकित्सा सुविधाएं: श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पार्किंग, रूट डायवर्जन, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन चिकित्सा टीमों की तैनाती की जा रही है।

🌸 विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु; पंडित राघव मिश्रा ने किया स्वागत

बुधवार को कुबेरेश्वरधाम पहुंचे कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से आए कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। इस दौरान धाम परिसर में भजनों की गूंज से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

कथा का संदेश: पंडित राघव मिश्रा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि “शिव महापुराण के श्रवण और भगवान शिव की भक्ति से मनुष्य के भीतर विवेक जागृत होता है। जब तक विवेक जागृत नहीं होता, तब तक परमात्मा की प्राप्ति संभव नहीं है।”

25 अगस्त की इस ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा को लेकर सीहोर शहर से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक उत्साह और भक्ति का माहौल चरम पर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here