देश में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, दिल्ली में 1777 H1N1 केस; ICMR बोला- नया या ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन नहीं

0
2

drnewsindia.com

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में इन दिनों इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिल्ली में 20 अगस्त तक 1,777 H1N1 मामले सामने आ चुके हैं। राजधानी में इस साल अब तक 2,392 इन्फ्लुएंजा-ए और कुल 2,602 इन्फ्लुएंजा-ए व बी के मामले दर्ज हुए हैं। हालांकि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने साफ किया है कि देश में H1N1 का कोई नया या ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन सामने नहीं आया है।

ICMR ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं

ICMR के वैज्ञानिकों के मुताबिक भारत में फिलहाल फैल रहा H1N1 वायरस नया नहीं है। यह वायरस 2025 से ही प्रसारित हो रहा है और मौजूदा वैक्सीन स्ट्रेन से अच्छी तरह मेल खाता है। विशेषज्ञों के अनुसार मामलों में बढ़ोतरी मौसमी इन्फ्लुएंजा गतिविधि से जुड़ी है और फिलहाल किसी नए अधिक घातक वैरिएंट के सामने आने के संकेत नहीं हैं।

पूर्व ICMR वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने भी मौजूदा बढ़ोतरी को मौसमी उछाल बताया है और कहा है कि यह किसी नए या अधिक खतरनाक वायरस के कारण नहीं है।

दिल्ली में बढ़े मामले, अस्पतालों की तैयारी की समीक्षा

दिल्ली में H1N1 मामलों में तेजी के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में बेड, दवाओं, जांच और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा की है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि अस्पतालों में जरूरी संसाधन पर्याप्त हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में इस साल H1N1 के मामले पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले काफी अधिक हैं। हालांकि हाल की निगरानी में मामलों की रफ्तार स्थिर होने के संकेत भी मिले हैं।

बेंगलुरु और अन्य शहरों में भी निगरानी बढ़ी

दिल्ली के अलावा बेंगलुरु समेत कई बड़े शहरों में भी फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। कर्नाटक सरकार ने स्थिति की समीक्षा कर अस्पतालों की तैयारियों और जरूरी दवाओं के स्टॉक का जायजा लिया है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल चिकित्सा व्यवस्था पर्याप्त है।

राजस्थान में भी दिल्ली में बढ़ते H1N1 मामलों को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और फील्ड टीमों को फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश में अस्पताल हाई अलर्ट पर

उत्तर प्रदेश में बढ़ते स्वाइन फ्लू मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क किया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की निगरानी, जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने और जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

इंदौर में सामान्य सर्दी-बुखार में जांच जरूरी नहीं

इंदौर में स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के लिए नई गाइडलाइन लागू की है। सामान्य सर्दी-बुखार और हल्के लक्षण वाले मरीजों में हर मामले में लैब जांच अनिवार्य नहीं होगी। डॉक्टर लक्षणों के आधार पर उपचार शुरू कर सकेंगे। गंभीर सांस संबंधी समस्या वाले मरीजों के सैंपल जांच के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे जाएंगे।

अस्पतालों को संक्रमण की निगरानी के लिए ओपीडी का डेटा नियमित रूप से आईएचआईपी पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

उज्जैन में दूसरा मामला, एक महिला की हो चुकी मौत

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्वाइन फ्लू का दूसरा मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है और उसकी हालत गंभीर बताई गई है। इससे पहले उज्जैन में एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत की खबर सामने आई थी।

बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह के मुताबिक खांसी या छींक आने पर मुंह-नाक ढकें, हाथों को नियमित रूप से धोएं और लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी रखें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं नहीं लेनी चाहिए।

राहत की बात, लेकिन सतर्कता जरूरी

देश में H1N1 के मामले बढ़ने से चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन फिलहाल ICMR के अनुसार किसी नए या ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन के सामने आने के प्रमाण नहीं हैं। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि घबराने के बजाय सावधानी बरतें, लक्षणों को नजरअंदाज न करें और गंभीर स्थिति में समय पर चिकित्सकीय मदद लें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here