drnewsindia.com| भोपाल
घरेलू हिंसा के मामले में भोपाल कोर्ट ने पति, सास और ससुर को दोषी पाते हुए पीड़िता के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को मानसिक प्रताड़ना के लिए पीड़िता को 1-1 लाख रुपए यानी कुल 3 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके अलावा पीड़िता को हर महीने 5 हजार रुपए भरण-पोषण और मकान किराए के लिए देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बिना तलाक पहली पत्नी के रहते की दूसरी शादी
मामला राजेंद्र नगर कॉलोनी, कोच फैक्ट्री भोपाल निवासी महिला से जुड़ा है। महिला के अनुसार जनवरी 2017 में परिवार की सहमति से उसकी शादी खरगोन जिले के बड़वाह निवासी एक युवक से हुई थी। शादी से पहले दोनों की दोस्ती थी।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी पति ने अपनी पहली पत्नी से विधिवत तलाक लिए बिना ही पीड़िता से दूसरी शादी की थी। पति ने अदालत में स्वीकार किया कि पहली पत्नी से उसका विधिवत तलाक नहीं हुआ था। हालांकि उसने यह दावा किया कि वह पहली पत्नी से सामाजिक रूप से अलग हो चुका था। विवाह की वैधता को लेकर यह तथ्य अदालत में बहस का प्रमुख विषय रहा।
10 लाख रुपए लाने के लिए प्रताड़ित करने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के बाद ससुराल पक्ष द्वारा उसे मायके से 10 लाख रुपए लाने के लिए लगातार प्रताड़ित किया गया। उसके साथ मारपीट की गई, खाना नहीं दिया गया और कमरे में बंद रखा गया।
महिला के अनुसार शादी से पहले 2015 में गर्भवती होने पर उसका गर्भपात कराया गया था। शादी के बाद दोबारा गर्भवती होने पर भी ससुराल पक्ष द्वारा जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया गया। नवंबर 2017 में उसे घर से निकाल दिया गया।
फोटो और बैंक स्टेटमेंट को कोर्ट ने माना विश्वसनीय
सुनवाई के दौरान पीड़िता ने दहेज के सामान से संबंधित फोटो और बैंक स्टेटमेंट सहित अन्य दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए। कोर्ट ने इन दस्तावेजों को विश्वसनीय माना। वहीं पति इन दस्तावेजों को फर्जी साबित करने में असफल रहा।
भरण-पोषण में उपेक्षा और दुर्व्यवहार प्रमाणित
अदालत ने मामले में पति द्वारा पत्नी के भरण-पोषण में उपेक्षा किए जाने के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों को प्रमाणित पाया। इसके आधार पर कोर्ट ने पति, सास और ससुर को पीड़िता को मानसिक प्रताड़ना के लिए कुल 3 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया।
इसके साथ ही पीड़िता को हर महीने 5 हजार रुपए भरण-पोषण और मकान किराए के लिए देने के निर्देश दिए गए हैं।





