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बालाघाट | डिजिटल डेस्क: मध्यप्रदेश के बालाघाट में लोक निर्माण विभाग (PWD) की PIU शाखा में पदस्थ कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) कमल किशोर सिंगारे के ठिकानों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने गुरुवार सुबह 6 बजे बड़ी छापामार कार्रवाई की। आय से अधिक संपत्ति और पद के दुरुपयोग की शिकायतों के बाद EOW की तीन अलग-अलग टीमों ने बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित उनके आवासों पर एक साथ दबिश दी।
डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान शुरुआती जांच में ₹2.5 लाख नकद और लगभग ₹25 लाख कीमत का एक लग्जरी वाहन बरामद हुआ है। EOW की टीम अब एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को लेकर छिंदवाड़ा स्थित आवास के लिए रवाना हो गई है।
🏛️ न्यायालय की अनुमति के बाद सुबह 6 बजे दबिश
EOW के डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि बालाघाट न्यायालय से विधिवत अनुमति प्राप्त करने के बाद सुबह ठीक 6 बजे EE कमल किशोर सिंगारे के शासकीय आवास पर छापा मारा गया।
- 3 शहरों में सर्च ऑपरेशन: ईओडब्ल्यू की टीमें छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित उनके निजी परिसरों में भी समानांतर रूप से संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।
- अधिकारियों का बयान: डीएसपी के मुताबिक, प्राथमिक तलाशी में नकद और वाहन मिला है, बाकी संपत्तियों का ब्योरा पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

💸 ₹30 लाख के बिल भुगतान में ₹10 लाख कमीशन मांगने का आरोप
बताया जा रहा है कि एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बीते 14 महीनों से बालाघाट में पदस्थ थे। इस दौरान स्थानीय ठेकेदारों द्वारा उन पर लगातार कमीशनखोरी और प्रताड़ना के आरोप लगाए जा रहे थे:
- 13 जुलाई को दर्ज हुई थी EOW में शिकायत: सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी यूनुस पप्पा खान ने विभागीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद 13 जुलाई को EOW में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी।
- गंभीर आरोप: शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठेकेदार छोटूलाल ठाकरे के ₹30 लाख के भुगतान के एवज में ₹10 लाख का कमीशन वसूला गया था। (हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद होगी।)
❓ भोपाल आवास पर सब-इंजीनियर के मिलने से उठे सवाल
छापेमारी के दौरान एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब भोपाल स्थित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के आवास पर बालाघाट सर्व शिक्षा अभियान में पदस्थ रहे सब-इंजीनियर शिव भास्कर अपनी पत्नी के साथ मौजूद मिले।
- स्थानांतरण और शिकायतें: सब-इंजीनियर शिव भास्कर का हाल ही में तबादला हुआ है और उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार की कई शिकायतों की चर्चा है।
- EOW की नजर: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के निजी आवास पर सब-इंजीनियर की मौजूदगी को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसकी जांच EOW कर रही है।




