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स्वीकृत कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश, प्रगतिरत कार्यों की बाधाएं दूर करने को कहा
सीहोर। जिले में विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा को लेकर कलेक्टर बालागुरु के. की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने विभागवार स्वीकृत, प्रगतिरत और पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए उनकी प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्थिति में समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर निर्माण कार्य पूरे होने से नागरिकों को संबंधित सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सकेगा। बैठक में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जिला पंचायत सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मौके पर जाकर करें निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग
कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्यों की समीक्षा केवल कागजी रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारी नियमित रूप से निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर कार्य की वास्तविक स्थिति देखें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हों, इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदारी के साथ मॉनिटरिंग करें।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने और निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वीकृत कार्यों को जल्द शुरू कराएं
कलेक्टर ने कहा कि जो निर्माण कार्य स्वीकृत हो चुके हैं, उन्हें शुरू कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी कर स्वीकृत कार्यों को समय पर प्रारंभ कराएं।
उन्होंने प्रगतिरत निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की रुकावट या व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखने को कहा।
गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण निर्धारित मापदंडों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही कराए जाएं।
अधिकारियों को निर्माण स्थलों का समय-समय पर निरीक्षण कर निर्माण सामग्री, गुणवत्ता और कार्य की प्रगति की मौके पर जांच करने के निर्देश दिए गए। वरिष्ठ अधिकारियों से अपने अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की भी नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
अन्य विभागों की सेवाएं प्रभावित न हों
कलेक्टर ने निर्माण एजेंसियों को विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान किसी अन्य विभाग की सड़क, पाइपलाइन, विद्युत व्यवस्था या अन्य संपत्ति प्रभावित होती है तो उसकी शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण एजेंसियां काम करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अन्य विभागों की सेवाएं प्रभावित न हों। किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का आपसी समन्वय से तत्काल समाधान किया जाए।
पूर्ण कार्यों का परीक्षण कर विभागों को सौंपें
बैठक में कलेक्टर ने पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन भवनों या अन्य निर्माण कार्यों का काम पूरा हो चुका है, उन्हें संबंधित संस्था या विभाग को शीघ्र हस्तांतरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि हस्तांतरण से पहले निर्माण कार्य का पूरी तरह परीक्षण किया जाए। भवन की गुणवत्ता के साथ विद्युत व्यवस्था, पानी, एप्रोच रोड, शौचालय, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जांच की जाए। सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने के बाद ही भवन या निर्माण कार्य संबंधित विभाग को सौंपा जाए।




