शमशाबाद में 28वीं राष्ट्रीय युवा संसद की संकुल स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न, लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका पर रहा जोर

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विदिशा/शमशाबाद। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय शमशाबाद, जिला विदिशा में 28वीं राष्ट्रीय युवा संसद की संकुल स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय कार्यप्रणाली और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका से परिचित कराना रहा। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों की प्रतिभा, संवाद क्षमता, विषय की समझ और संसदीय शैली में विचार प्रस्तुत करने की क्षमता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका पर आधारित रहा आयोजन

प्रतियोगिता की विषय-वस्तु लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान जैसे विषयों पर आधारित रही। युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की भागीदारी किस प्रकार महत्वपूर्ण हो सकती है।

विद्यालय स्तर पर आयोजित ऐसी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों को किसी विषय पर अपनी बात रखने, दूसरों के विचार सुनने और तर्कपूर्ण तरीके से चर्चा में भाग लेने का अभ्यास मिलता है। इससे विद्यार्थियों में सार्वजनिक संवाद, नेतृत्व और अभिव्यक्ति जैसे कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और युवा देश के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण वर्ग हैं। विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक सहभागिता के प्रति जागरूक करना युवा संसद कार्यक्रम का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

कई विद्यालयों की रही सहभागिता

संकुल स्तरीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के विभिन्न पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालयों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग विद्यालयों की सहभागिता से प्रतियोगिता को व्यापक स्वरूप मिला। विद्यार्थियों ने युवा संसद की विषय-वस्तु के अनुरूप अपनी प्रस्तुतियां तैयार कीं।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन को विभिन्न निर्धारित मानकों के आधार पर देखा जाएगा। विषय की समझ, प्रस्तुतीकरण, संवाद शैली और संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप सहभागिता जैसे पहलुओं को मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया।

इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों को एक साझा मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। साथ ही विद्यालय स्तर पर होने वाली शैक्षणिक गतिविधियों के साथ लोकतांत्रिक शिक्षा को जोड़ने का प्रयास भी किया गया।

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