नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र यानी United Nations (UN) की जनरल डिबेट आज से न्यूयॉर्क में शुरू हो रही है। यह बैठक 28 सितंबर तक चलेगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा की इस महत्वपूर्ण बैठक में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से 193 सदस्य देशों के नेता या वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। हर साल होने वाली यह बैठक वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक संवाद का एक बड़ा मंच मानी जाती है, जहां सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, सुरक्षा, शांति और अपने-अपने देशों से जुड़े प्रमुख विषयों को दुनिया के सामने रखते हैं।
ट्रंप ने ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात की इच्छा जताई
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए तैयार हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र महासभा का मंच दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर अंतिम स्थिति और बातचीत का स्वरूप अलग-अलग कूटनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।
ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति की संभावित मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों देशों के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। मौजूदा हालात में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व का एक ही शहर में मौजूद होना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए विशेष रुचि का विषय बन गया है।
193 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
संयुक्त राष्ट्र की जनरल डिबेट में संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देशों के नेता या वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपने देशों की प्राथमिकताओं और वैश्विक चुनौतियों पर विचार रखेंगे।
जनरल डिबेट का महत्व इसलिए भी अधिक होता है, क्योंकि एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में देशों के शीर्ष नेता और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहते हैं। इसके अलावा इस दौरान कई देशों के बीच अलग-अलग द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें भी आयोजित होती हैं। ऐसे संवादों के जरिए देशों को उन मुद्दों पर बातचीत का अवसर मिलता है, जिन पर सामान्य परिस्थितियों में उच्चस्तरीय चर्चा के लिए अलग-अलग कूटनीतिक प्रयास करने पड़ते हैं।




