अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच ईरानी विमानन क्षेत्र पर अमेरिकी दबाव और बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट ने चेतावनी दी है कि इस सप्ताह से ईरानी एयरलाइंस का अंतरराष्ट्रीय संचालन पूरी तरह ठप हो सकता है। अमेरिकी प्रशासन ने विदेशी कंपनियों को भी आगाह किया है कि यदि वे ईरानी विमानन कंपनियों को सेवाएं देना जारी रखती हैं, तो उन्हें कड़े सेकेंडरी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
ईरानी एयरलाइंस पर बढ़ता अमेरिकी दबाव
अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरानी विमानन क्षेत्र को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। बेसेन्ट की चेतावनी का मुख्य उद्देश्य उन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों पर दबाव बनाना है, जो ईरानी एयरलाइंस के अंतरराष्ट्रीय संचालन में किसी तरह की सेवा या सुविधा उपलब्ध कराती हैं।
ईरानी एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए केवल विमान और चालक दल की जरूरत नहीं होती, बल्कि विभिन्न देशों में हवाई अड्डों, ईंधन आपूर्ति, टिकटिंग, ग्राउंड हैंडलिंग और दूसरी विमानन सेवाओं पर भी निर्भरता रहती है। अमेरिकी प्रशासन इन सहयोगी कंपनियों को भी चेतावनी देकर ईरानी विमानन नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि विदेशी एयरपोर्ट, ईंधन आपूर्तिकर्ता, टिकटिंग एजेंसियां और ग्राउंड हैंडलिंग कंपनियां अमेरिकी चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती हैं। यदि बड़ी संख्या में कंपनियां ईरानी एयरलाइंस को सेवाएं देने से पीछे हटती हैं, तो अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर दबाव बढ़ सकता है।
दूसरी ओर, यदि कुछ कंपनियां अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी एयरलाइंस के साथ कारोबार जारी रखती हैं, तो उनके खिलाफ संभावित सेकेंडरी प्रतिबंधों का मुद्दा सामने आ सकता है।




