Weather Alert: भारी बारिश से प्रभावित जिलों में राहत-बचाव तेज, 25 से 27 सितंबर तक सामान्य से 775% ज्यादा वर्षा

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नई दिल्ली। देश में पिछले कई दिनों से जारी भारी वर्षा और प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखते हुए जरूरत के अनुसार राहत और बचाव कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर मौजूदा हालात की समीक्षा की।

प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने के निर्देश

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और उनकी समस्याओं की जानकारी लें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों की जरूरतों को मौके पर समझते हुए आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

इस निर्देश का उद्देश्य राहत कार्यों को केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाना है। भारी बारिश की स्थिति में अलग-अलग क्षेत्रों में समस्याओं का स्वरूप अलग हो सकता है। कहीं जलभराव की स्थिति बन सकती है, तो कहीं आवागमन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर लोगों की वास्तविक जरूरतों की जानकारी लेकर राहत पहुंचाना महत्वपूर्ण हो जाता है।

जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान प्रभावित जिलों में प्रशासन की तैयारियों और राहत गतिविधियों को लेकर भी स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने तथा आवश्यकता के अनुसार राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

25 से 27 सितंबर के बीच सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश

राहत आयुक्त द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 7.6 मिलीमीटर बताया गया है। इस तरह उक्त अवधि के दौरान प्रदेश में सामान्य की तुलना में 775 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।

बारिश के इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि संबंधित अवधि में मौसम सामान्य स्थिति की तुलना में काफी अलग रहा। कुछ ही दिनों के दौरान सामान्य वर्षा की तुलना में कई गुना अधिक पानी बरसने से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन के सामने राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने की चुनौती पैदा हुई है।

अतिवृष्टि के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और अन्य मौसम संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन की जिम्मेदारी प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बनाए रखने की भी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जिलाधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित परिवारों से सीधे संपर्क कर उनकी समस्याएं जानने और आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच जिला प्रशासन और राहत विभाग के स्तर पर निगरानी एवं समन्वय जारी है।

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