Asian Games 2026: आइची-नागोया में भारत का धमाल, अनाहत-अभय के सिल्वर से एंसी-सर्वेश की रजत चमक तक, एथलेटिक्स में 5 मेडल

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जापान। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए रविवार का दिन पदकों से भरपूर रहा। दिन की शुरुआत स्क्वैश में अनाहत सिंह और अभय सिंह के सिल्वर मेडल से हुई, जबकि शाम के एथलेटिक्स मुकाबलों में भारत ने कई और पदक अपने नाम किए। एंसी सोजन ने महिलाओं की लॉन्ग जंप में सिल्वर जीता, लेकिन आखिरी प्रयास में महज दो सेंटीमीटर के अंतर से गोल्ड उनसे दूर चला गया। वहीं पुरुषों की हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके अलावा पारुल चौधरी, तेजस्विन शंकर और हरिता भद्रा ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया।

अनाहत सिंह और अभय सिंह ने स्क्वैश में जीता सिल्वर

भारत के लिए दिन की शुरुआत स्क्वैश कोर्ट से हुई। महिला सिंगल्स के फाइनल में अनाहत सिंह का सामना मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम से हुआ। अनाहत को फाइनल में 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। हालांकि, यह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि रही, क्योंकि वह एशियन गेम्स के महिला स्क्वैश सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

पुरुष सिंगल्स के फाइनल में अभय सिंह का मुकाबला मलेशिया के एनजी ईन यो से हुआ। अभय भी स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सके और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। इस तरह स्क्वैश में भारत को दोनों सिंगल्स स्पर्धाओं में रजत पदक मिले। दोनों फाइनल में मलेशिया के खिलाड़ियों ने गोल्ड अपने नाम किया।

एंसी सोजन से सिर्फ दो सेंटीमीटर दूर रहा गोल्ड

एथलेटिक्स में भारत के लिए सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक महिलाओं की लॉन्ग जंप का रहा। एंसी सोजन ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया और पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड की स्थिति मजबूत कर ली थी। मुकाबले के अंतिम दौर तक वह शीर्ष पर बनी हुई थीं।

लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगा दी। इस तरह उन्होंने एंसी से सिर्फ दो सेंटीमीटर आगे निकलकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। एंसी को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। उनके प्रदर्शन ने यह जरूर दिखाया कि भारतीय एथलेटिक्स में लॉन्ग जंप के स्तर पर प्रतिस्पर्धा लगातार मजबूत हो रही है।

एंसी के लिए यह एशियन गेम्स का दूसरा पदक भी रहा। इससे पहले वह पिछली एशियन गेम्स में भी पदक जीत चुकी हैं। जून 2026 में उन्होंने 6.88 मीटर की छलांग लगाकर अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बेहतर किया था।

सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में रचा इतिहास

पुरुषों की हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल हासिल किया। उनका मुकाबला चीनी ताइपे के चाओ सुआन-फू से था। दोनों खिलाड़ियों ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन चाओ ने यह ऊंचाई अपने पहले प्रयास में हासिल की, जबकि सर्वेश को दो प्रयास लगे। इसी काउंटबैक नियम के आधार पर चाओ को गोल्ड और सर्वेश को सिल्वर मिला।

सर्वेश की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि भारत को पुरुषों की हाई जंप में एशियन गेम्स पदक के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा था। रिपोर्टों के अनुसार, इस पदक के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में भारत के 56 साल के पदक सूखे को खत्म किया। इससे पहले इस स्पर्धा में भारत का पिछला एशियन गेम्स पदक 1970 में आया था।

आइची-नागोया में भारत के लिए यह दिन कई अलग-अलग कारणों से खास रहा। किसी खिलाड़ी ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, किसी ने लंबे इंतजार के बाद पदक दिलाया, तो किसी के हाथ से आखिरी प्रयास में गोल्ड महज दो सेंटीमीटर के अंतर से निकल गया। स्क्वैश में अनाहत और अभय ने रजत पदक हासिल कर भारत की मौजूदगी मजबूत की, जबकि बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में पहुंच चुके खिलाड़ियों से आगे भी पदक की उम्मीद बनी हुई है। इस तरह एशियन गेम्स 2026 में भारतीय अभियान लगातार कई खेलों में पदक जोड़ता नजर आ रहा है।

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