रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रायसेन स्थित अनुविभागीय दंडाधिकारी यानी SDM कार्यालय परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश अनुविभागीय दंडाधिकारी मनीष शर्मा ने जारी किया है और 29 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू माना गया है।
SDM मनीष शर्मा ने जारी किया आदेश
रायसेन के अनुविभागीय दंडाधिकारी मनीष शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश 29 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी प्रभावी अवधि एक महीने रखी गई है।
धारा 163 के तहत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को ऐसी परिस्थितियों में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने की शक्ति मिलती है, जब सार्वजनिक शांति, सुरक्षा या कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाना आवश्यक समझा जाए। इसका इस्तेमाल किसी संभावित विवाद या कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है।
धारा 163 का उद्देश्य क्या है?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत धारा 163 का उपयोग कार्यपालिक मजिस्ट्रेट द्वारा ऐसी स्थिति में किया जा सकता है, जहां तत्काल निवारक कार्रवाई की आवश्यकता हो। इसका उद्देश्य किसी संभावित खतरे या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति को बढ़ने से पहले नियंत्रित करना होता है।
ऐसे आदेशों के माध्यम से प्रशासन कुछ गतिविधियों या जमावड़े पर प्रतिबंध लगा सकता है, यदि संबंधित अधिकारी को लगता है कि इससे सार्वजनिक शांति या सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। हालांकि किसी विशेष आदेश में लागू प्रतिबंध और उनकी सीमा उसी आदेश में निर्धारित शर्तों के अनुसार होती है।
रायसेन में जारी मौजूदा आदेश का केंद्र SDM कार्यालय परिसर है। इसलिए इसके तहत लागू व्यवस्थाओं को उसी निर्धारित क्षेत्र और आदेश में उल्लेखित शर्तों के अनुसार समझना जरूरी है।
रायसेन में SDM कार्यालय परिसर के लिए धारा 163 के तहत आदेश जारी किया जाना प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था को लेकर उठाया गया प्रतिबंधात्मक कदम है। 29 सितंबर 2026 से प्रभावी यह आदेश एक महीने तक लागू रहेगा। SDM मनीष शर्मा द्वारा जारी आदेश का उद्देश्य कार्यालय परिसर में शांति और व्यवस्था बनाए रखना है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष घटना या विवाद को आदेश का कारण नहीं बताया गया है। ऐसे में आदेश को प्रशासन की एहतियाती व्यवस्था के रूप में देखा जा सकता है। आने वाले दिनों में यदि प्रशासन की ओर से इस आदेश के संबंध में अतिरिक्त निर्देश या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उसके आधार पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




