गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में रबी सीजन की शुरुआत के साथ खेतों में बुवाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। किसान समय पर फसल की बुवाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन इसी बीच खाद की उपलब्धता को लेकर चिंता और नाराजगी सामने आ रही है। रबी फसलों की बुवाई के दौरान किसानों के लिए खाद एक महत्वपूर्ण कृषि इनपुट है और इसकी समय पर उपलब्धता सीधे तौर पर खेती की तैयारी से जुड़ी होती है। ऐसे में खाद की कमी की आशंका किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
गुना क्षेत्र में रबी सीजन शुरू होने के साथ ही किसान अपनी आगामी फसल को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। खेतों की जुताई, बीज की व्यवस्था और अन्य कृषि कार्यों के साथ खाद की जरूरत भी बढ़ गई है। किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि बुवाई के समय उन्हें आवश्यक मात्रा में खाद उपलब्ध हो पाएगी या नहीं। खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में खाद की उपलब्धता को लेकर बनी स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
गुना जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र में रबी सीजन का महत्व काफी अधिक है। बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे में खेती के मौसम में किसी भी प्रमुख कृषि इनपुट की उपलब्धता से जुड़ी समस्या सीधे किसानों की चिंता को बढ़ा सकती है। खाद की उपलब्धता का मुद्दा केवल वर्तमान बुवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका संबंध उत्पादन लागत, फसल की स्थिति और किसानों की आय से भी जुड़ता है।
गुना क्षेत्र में रबी सीजन शुरू होने के साथ ही किसान अपनी आगामी फसल को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। खेतों की जुताई, बीज की व्यवस्था और अन्य कृषि कार्यों के साथ खाद की जरूरत भी बढ़ गई है। किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि बुवाई के समय उन्हें आवश्यक मात्रा में खाद उपलब्ध हो पाएगी या नहीं। खेती के इस महत्वपूर्ण दौर में खाद की उपलब्धता को लेकर बनी स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।




