राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ब्यावरा क्षेत्र के जंगल में 17 वर्षीय किशोरी का शव बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक किशोरी की हत्या की गई और उसका सिर धड़ से अलग कर जंगल में फेंका गया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया और मामले की जांच शुरू की। मंगलवार को जंगल से किशोरी का शव मिला, जबकि उसका सिर धड़ से करीब 50 फीट की दूरी पर बरामद हुआ। घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
जंगल में मिला किशोरी का शव
पुलिस के मुताबिक मंगलवार को ब्यावरा के जंगल में किशोरी का शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल की जांच की। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने हत्या की आशंका जताई और मामले की जांच शुरू की। शव से करीब 50 फीट दूर किशोरी का सिर मिला। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई की।
किशोरी की पहचान और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाने के साथ पुलिस ने उस व्यक्ति के बारे में भी जांच शुरू की, जिसके साथ वह आखिरी बार गई थी। इसी जांच के दौरान अंकित मालवीय का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार किशोरी उससे मिलने के लिए करेड़ी से राजगढ़ आई थी और बाद में युवक उसे जंगल की तरफ लेकर गया था।
हत्या के बाद आरोपी की भी सड़क हादसे में मौत
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण और असामान्य घटनाक्रम यह है कि पुलिस के अनुसार किशोरी की हत्या के कुछ ही घंटों बाद मामले में संदिग्ध युवक अंकित मालवीय की सड़क हादसे में मौत हो गई। यानी पुलिस को एक ओर किशोरी की हत्या की जांच करनी है, वहीं दूसरी ओर जिस युवक का नाम मामले से जुड़ रहा है, उसकी भी दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
पुलिस अब सड़क हादसे से जुड़े घटनाक्रम की भी जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि किशोरी की हत्या के बाद युवक कहां गया था और दुर्घटना किस परिस्थिति में हुई। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच समय और घटनाक्रम को जोड़कर मामले की कड़ियों को समझने का प्रयास कर रही है।
पुलिस जांच में कई सवाल अहम
मामले की जांच में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि किशोरी युवक के साथ जंगल में कब पहुंची और वहां कितने समय तक रही। इसके अलावा पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि घटनास्थल पर उस समय कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं। जंगल में शव और सिर अलग-अलग स्थानों पर मिलने के कारण घटनास्थल से मिले साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुलिस घटनाक्रम की समय-रेखा तैयार कर रही है, जिसमें किशोरी के करेड़ी से राजगढ़ पहुंचने से लेकर जंगल जाने और इसके बाद युवक की सड़क दुर्घटना तक की घटनाओं को शामिल किया जाएगा। इस तरह जांच एजेंसियां दोनों घटनाओं के बीच संभावित कड़ी को स्पष्ट करने का प्रयास करेंगी।
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किशोरी नाबालिग थी और उसकी हत्या के बाद आरोपी बताए जा रहे युवक की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक की मौत के कारण पुलिस के लिए जांच की दिशा और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। अब घटनास्थल से मिले साक्ष्य, संबंधित लोगों से मिली जानकारी और दोनों घटनाओं की समय-रेखा के आधार पर मामले की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है। हत्या की वजह, घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों और सड़क हादसे से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





