विदिशा/शमशाबाद। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के शमशाबाद स्थित पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत क्षेत्रीय स्तर की चित्रकला प्रतियोगिता संपन्न हुई। इस प्रतियोगिता में भोपाल संभाग के 35 जवाहर नवोदय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई चित्रकलाएं शामिल की गईं। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ ही भारत के भविष्य, विकास यात्रा और विकसित भारत की परिकल्पना को कला के माध्यम से प्रस्तुत करना था। इस दौरान प्राचार्य जितेंद्र कुमार शामिल रहे।

35 जवाहर नवोदय विद्यालयों की चित्रकलाएं हुईं शामिल
विद्यालय के उपप्राचार्य एमडी मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस क्षेत्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल संभाग के अंतर्गत आने वाले 35 जवाहर नवोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों की चित्रकलाएं प्राप्त हुईं। इन कलाकृतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देश की विकास यात्रा और भविष्य के भारत को लेकर अपनी सोच को रचनात्मक रूप में व्यक्त किया।
प्रतियोगिता की विषयवस्तु विद्यार्थियों को केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें देश के सामाजिक विकास, जनसेवा और भविष्य की संभावनाओं पर विचार करने के लिए भी प्रेरित करती है। कला के माध्यम से बच्चे अपने आसपास के समाज, देश में हो रहे बदलावों और आने वाले समय में भारत को किस रूप में देखना चाहते हैं, इन विचारों को सामने रख सकते हैं।
अटल लैब में प्रदर्शित की गईं कलाकृतियां
प्रतियोगिता के अंतर्गत प्राप्त चित्रकलाओं को विद्यालय की अटल लैब में व्यवस्थित और आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। विद्यालय के कला शिक्षक सर्वेस त्रिपाठी ने इन चित्रकलाओं को प्रदर्शित करने की व्यवस्था की। इसके बाद निर्णायक मंडल के सदस्यों ने प्रस्तुत कलाकृतियों का अवलोकन किया।
अटल लैब में चित्रकलाओं का प्रदर्शन कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इससे निर्णायक मंडल को विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति और चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किए गए विचारों को देखने का अवसर मिला। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां इस बात को सामने लाती हैं कि कला शिक्षा विद्यार्थियों में कल्पनाशीलता और विचारों को अभिव्यक्त करने की क्षमता विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के सदस्यों के साथ विद्यार्थियों, विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों और संबंधित गतिविधियों से जुड़े सदस्यों की उपस्थिति रही।
मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय परंपरा के अनुरूप मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके की गई। इस अवसर पर निर्णायक मंडल के सदस्यों, विद्यार्थियों और विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पीसी गौतम, अटल लैब के फैसिलिटेटर दीपक दामले और कला शिक्षक सर्वेस त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के माध्यम से कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
शिक्षा संस्थानों में इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर अपनी रुचियों और क्षमताओं को विकसित करने का अवसर देते हैं। चित्रकला जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को अपने विचारों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने, रचनात्मक समाधान तलाशने और किसी विषय को नए दृष्टिकोण से समझने के लिए प्रेरित करती हैं।
शमशाबाद स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता ने शिक्षा, कला और विकसित भारत की परिकल्पना को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास किया। 35 जवाहर नवोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी ने इसे क्षेत्रीय स्तर का महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन बनाया।
विद्यालय के उपप्राचार्य एमडी मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रतियोगिता में चित्रकलाओं के प्रदर्शन और निर्णायक मंडल की सहभागिता के साथ आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रस्तुत करने तथा देश के भविष्य से जुड़े विषयों पर रचनात्मक ढंग से सोचने का अवसर मिला।




