नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों और सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित भ्रामक सूचनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने सोशल मीडिया पर गलत नैरेटिव फैलाने और माहौल खराब करने के आरोपों से जुड़े मामलों में चार प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। इन मामलों की जांच के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और ऑनलाइन गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
IFSO यूनिट ने चार मामलों में दर्ज की FIR
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट साइबर अपराधों और डिजिटल माध्यमों से जुड़ी गंभीर शिकायतों की जांच करती है। सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के कारण कानून-व्यवस्था से संबंधित चिंताएं पैदा होने की आशंका हो, तो पुलिस उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर सकती है।
हालिया घटनाक्रम में IFSO यूनिट ने चार FIR दर्ज की हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इन मामलों में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर गलत नैरेटिव फैलाने और माहौल खराब करने वाली सामग्री के प्रसार से जुड़े आरोप शामिल हैं।
FIR दर्ज होने का अर्थ यह है कि पुलिस ने संबंधित आरोपों की औपचारिक जांच शुरू की है। इसे आरोपों के साबित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। जांच के दौरान पुलिस को संबंधित पोस्ट, अकाउंट की गतिविधियों, डिजिटल साक्ष्यों और संभावित रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की पुष्टि करनी होगी।
अंत मे जानकारी देते चले कि, दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों से संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर IFSO यूनिट की ओर से चार FIR दर्ज किया जाना ऑनलाइन सामग्री की जांच से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। पुलिस की जांच कथित भ्रामक पोस्ट, वायरल वीडियो और कुछ सीमा पार सोशल मीडिया हैंडल की भूमिका पर केंद्रित बताई गई है।फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में आरोपों से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों, संबंधित अकाउंट की पहचान और जांच के अंतिम निष्कर्षों का विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए पाकिस्तानी हैंडल की भूमिका या किसी विशेष अकाउंट की संलिप्तता को सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।





